कानपुर: डिप्रेशन के शिकार आईआईटी छात्र ने आत्महत्या करने के इरादे से फांसी लगाई लेकिन रस्सी टूट जाने के कारण वह गिर गया और उसकी मौत टल गई. इस वाकये के बाद कैंपस में छात्रों को ‘जाको राखे साईं मार सके न कोई’ वाली कहावत पर चर्चा करते सुना गया. वाकया कुछ इस प्रकार है आईआईटी कानपुर के Mathematics & Statistics डिपार्टमेंट के बी.एस.(मैथ) थर्ड ईयर के एक छात्र ने अवसादग्रस्त होने के चलते अपनी जान देने की कोशिश की लेकिन वो चमत्कारिक ढंग से बच गया. परिजनों का कहना है कि उसकी मां की दुआओं ने उसे बचा लिया.

ये था मामला
आईआईटी के हॉस्टल-5 में रहने वाले सोनीपत हरियाणा निवासी छात्र ने फंदे पर झूलने से पहले अपनी मां से फोन पर बात की और उसे बताया कि वो अब जीना नहीं चाहता है और उसने फोन कट कर दिया. घबराई मां ने फौरन होस्टल वार्डेन को फोन किया, जिसके बाद वार्डेन अन्य छात्रों के साथ आनन फानन में छात्र के कमरे पर पहुंचे. इस दौरान छात्र पंखे से रस्सी बांध कर फंदे से झूल गया था, लेकिन रस्सी टूट गई और वह नीचे गिर गया. वार्डन और छात्र जब उसके कमरे पर पहुंचे तो कमरा अंदर से बंद था. छात्रों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो वह फर्श पर अचेतावस्था में पड़ा था. छात्र को तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है.

इस पूरे मामले की जांच के लिए आईआईटी प्रशासन ने जांच कमेटी का गठन कर दिया है जो प्रकरण की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देगी. आईआईटी प्रशासन के मुताबिक ‘छात्र ने रस्सी का फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की लेकिन रस्सी टूटने से वह फर्श पर गिर गया. मामले की जांच की जा रही है.’ डीन एकेडमिक प्रो. नीरज मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, आरम्भिक जांच में छात्र के कुछ दिनों से डिप्रेशन में होने की बात सामने आई है, लेकिन अभी तक इसका सही कारण नहीं पता चल पाया है. उन्होंने इस बात से इंकार किया कि छात्र पर किसी तरह का कोई एकेडमिक प्रेशर था. प्रो. नीरज मिश्रा ने कहा कि छात्र की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है. कैंपस आने के बाद उसकी काउंसलिंग कराई जाएगी. डीन ने कहा कि इस कैंपस में छात्रों पर पढ़ाई या करियर को लेकर किसी भी तरह का प्रेशर नहीं डाला जाता है. यहां का माहौल बेहद उच्च गुणवत्ता का है.

हालांकि  सूत्रों के मुताबिक़ पढ़ाई में कमजोर होने, काफी समय से अच्छी परफॉरमेंस न देने पाने और बैक लगने के चलते छात्र ने यह कदम उठाया. कुछ पारिवारिक तनाव की बात भी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि गुरूवार देर रात उसने अपनी मां से लम्बी बातचीत के बाद जान देने की बात कह कर फोन काट दिया था. साथी छात्रों के अनुसार पिछले कुछ समय से वो बेहद तनाव में था और किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं कर रहा था.