नोएडा : प्रदेश में खून की तस्करी का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है. क्राइम ब्रांच को मामले जांच सौंप दी गई है. आरोप है कि रोटरी क्लब ट्रस्ट के माध्यम से खून के काले कारोबार को चलाया जा रहा था. मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के चार शहरों कानपुर, गोरखपुर, बुलंदशहर और मथुरा में गैर कानूनी तरीके से ब्लड सप्लाई का धंधा चल रहा था. खून के इस अवैध धंधे के जरिए करोड़ों के गबन का आरोप है. इन आरोपों के बाद रोटरी क्लब के रक्तदान शिविरों के माध्यम से जमा होने वाले खून की सप्लाई भी आरोपों के घेरे में है. रोटरी क्लब के पूर्व मैनेजिंग ट्रस्टी सतीश सिंघल के खिलाफ सेक्टर- 20 थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई है.

ट्रस्टी के बीच वर्चस्व की लड़ाई के संकेत
रोटरी ब्लड बैंक के मैनेजिंग ट्रस्टी सुधीर कुमार मिढ़ा और रोटरी ट्रस्ट की संचालन समिति के अध्यक्ष सुधीर वालिया ने ये संगीन आरोप लगाया है कि सतीश सिंघल ब्लड बैंक के जरिए खून की तस्करी कर रहे थे. खून के इस अवैध कारोबार के तार प्रदेश के 4 जिलों से जुड़े हुए थे. इस अवैध कारोबार के जरिए सिंघल पर 4 करोड़ रूपये के गबन का भी आरोप लगाया गया है.

खून के इस काले कारोबार के बारे में नोएडा के सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव ने बताया कि इस मामले की जानकारी मिलने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा की गई जांच में कोई अनियमितता नहीं मिली थी. लेकिन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इसकी फिर से बारीकी से जांच कराई जा रही है. हालांकि सीएमओ ने कहा कि इन आरोपों के पीछे रोटरी क्लब के ट्रस्टी के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई भी हो सकती है. फिलहाल बिना जांच पूरी हुए अभी किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है. साथ ही पुलिस ने मामले की जांच नोएडा क्राइम ब्रांच को भी सौंप रखी है.