नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में हुए कथित अवैध खनन मामले पर सीबीआई की कार्यवाही के बाद खुद से पूछताछ की आशंका के बारे में रविवार को कहा कि वह सीबीआई को जवाब देने के लिये तैयार हैं, मगर भाजपा यह याद रखे कि वह जिस संस्कृति को छोड़कर जा रही है, कल उसे भी उसका सामना करना पड़ेगा. वर्ष 2012-13 में खनन विभाग तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास था. लिहाजा माना जा रहा है कि सीबीआई इस मामले में उनसे भी पूछताछ कर सकती है.

अखिलेश ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में खुद पर सीबीआई जांच की आंच पड़ने की आशंका के सवाल पर कहा ‘सपा इस कोशिश में है कि ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटें जीते. जो हमें रोकना चाहते हैं, उनके पास सीबीआई है. एक बार कांग्रेस ने सीबीआई जांच कराई थी, तब भी पूछताछ हुई थी. अगर भाजपा यह सब करा रही है और सीबीआई पूछताछ करेगी तो हम जवाब देंगे. मगर जनता भाजपा को जवाब देने के लिये तैयार है. उन्होंने कहा ‘आखिर सीबीआई छापेमारी क्यों कर रही है. जो पूछना है हमसे पूछ ले, लेकिन भाजपा के लोग यह याद रखें कि जो संस्कृति वे छोड़कर जा रहे हैं, उसका कल उन्हें भी सामना करना पड़ेगा.

अखिलेश ने तंज भरे लहजे में कहा कि अब तो सीबीआई को बताना पड़ेगा कि हमने गठबंधन में कितनी-कितनी सीटें बांटी हैं. मुझे खुशी है इस बात की कि कम से कम भाजपा ने अपना रंग दिखा दिया. पहले कांग्रेस ने हमें सीबीआई से मिलने का मौका दिया था. इस बार भाजपा यह मौका दे रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने राजनीतिक शिष्टाचार ही खत्म कर दिया. भाजपा चाहती है कि जैसा उसका सियासी शिष्टाचार है, वैसा ही दूसरे दलों का भी हो जाए. मगर, हम अपना राजनीतिक शिष्टाचार नहीं बदलेंगे. अगर कांग्रेस चोर बोल रही है तो भाजपा चाहती है कि हम भी उसे चोर बोलें.

अखिलेश यादव ने सपा और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के गठबंधन का ‘एकाध हफ्ते’ में एलान होने के संकेत देते हुए कहा कि सपा और बसपा भाजपा के ही सिखाये पाठ पर अपना गणित दुरूस्त कर रहे हैं. अखिलेश ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में सपा-बसपा के गठबंधन की औपचारिक घोषणा के समय के बारे में पूछे जाने पर कहा ‘गठबंधन का समय भी पता लगेगा आपको. बस, एकाध हफ्ते की बात है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो गणित सबको सिखाया……भाजपा ने अपना गणित ठीक करने के लिये देश में ना जाने कितने गठबंधन किये. शायद सपा-बसपा भी अपना गणित दुरूस्त कर रहे हैं.

गठबंधन में कांग्रेस को शामिल करने की सम्भावनाओं के सवाल पर अखिलेश ने कहा ‘‘गठबंधन के दोनों नेताओं को तय करना है कि कांग्रेस साथ होगी या नहीं.’ हालांकि सपा अध्यक्ष ने गठबंधन के बारे में विस्तार से कुछ भी बताने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि जहां तक उत्तर प्रदेश और देश का सवाल है तो लोग परिवर्तन चाहते हैं. देश ने ऐसा वक्त देखा है, जहां हर चीज रुक गयी और जो वादे किये गये थे, वे पूरे नहीं हुए, लिहाजा देश बदलाव चाहता है.