मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मुस्लिमों के समूह को एक पुलिस अधिकारी द्वारा पाकिस्तान चले जाने के लिए कहने वाले वीडियो पर विवाद पैदा हो गया है. दरअसल, सीएए को लेकर 20 दिसंबर को मेरठ शहर में हुए उपद्रव के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस अधीक्षक (नगर) अखिलेश नारायण सिंह का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह यह बात कहते हुए दिख रहे हैं. वीडियो एक मिनट 43 सेकेंड का है.
इस वीडियो पर समाजवादी पार्टी के नगर विधायक रफीक अंसारी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे पुलिस अधिकारी को संयम रखना चाहिए. उन्हें इस तरह की गैर संवैधानिक बातें नहीं कहनी चाहिए. आखिर जिन लोंगों के बारे में वह बोल रहे हैं वह भी देश के ही लोग हैं. वायरल हुए इस वीडियो में पुलिस अधीक्षक (नगर) अखिलेश नारायण सिंह एक समुदाय के लोगों से कहते दिख रहे हैं कि जो हो रहा है वह ठीक नहीं है. इस पर वहां खड़ा एक व्यक्ति कहता है कि जो लोग माहौल बिगाड़ रहे हैं, वह गलत हैं. इस पर अधिकारी कहते हैं कि उनको कह दो वह दूसरे मुल्क चले जाएं. कोई गलत बात मंजूर नहीं होगी.
In ordinary civilised conditions this SP of Meerut could be sacked. Will he be rewarded in #UttarPradesh ? pic.twitter.com/8sEmZTIATB
— Saba Naqvi (@_sabanaqvi) December 28, 2019
इस संबंध में स्थानीय मीडिया को सफाई देते एसपी सिटी ने कहा कि जो कुछ भी वीडियो में सुना गया है वह प्रदर्शनकारियों के उस समूह को जवाब था जो पाकिस्तान के समर्थन में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगे रहे थे. उन्होंने कहा कि प्रतिक्रिया स्वरूप, मैंने यह सलाह दी कि यह बेहतर होगा कि वहां चले जाएं जहां के समर्थन में वे नारे लगा रहे थे. वहीं मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने भी एसपी का बचाव करते हुए कहा है कि वायरल हुई वीडियो बीते 20 दिसम्बर को मेरठ शहर में हुए उपद्रव के बाद की है. उन्होंने बताया कि इसमें तथ्य यह है कि वहां भारत विरोधी एवं पड़ोसी देश जिन्दाबाद के नारे लग रहे थे और कुछ लोग पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के आपतिजनक पर्चे बांट रहे थे.
इस सूचना पर एसपी सिटी एवं ए०डी०एम सिटी मौके पर गए थे. उन्होंने उपद्रवियों से कहा था आप जाना चाहते हैं तो कहीं भी जाए लेकिन यहां उपद्रव ना करें. उन्होंने कहा कि घटना के एक सप्ताह बाद इस तरह के वीडियो वायरल होना विशेषकर जब कल शुक्रवार को शांति थी, एक साजिश का हिस्सा है ताकि यहां के हालात सामान्य ना हो पाएं. उन्होंने स्थानीय जनता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां के लोंगो ने प्रण लिया है सभी लोग पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिल कर शहर के हालात को सामान्य बनाए रखकर असामाजिक तत्वों की किसी भी साजिश को सफल नही होने देंगे. उल्लेखनीय है कि संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में मेरठ में 20 दिसंबर को भारी बवाल हुआ था. मेरठ में गोली लगने से पांच युवकों की मौत हो गई थी. उपद्रवियों ने पुलिस की दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियों को फूंक दिया था. जमकर पथराव और फायरिंग की गई.
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