लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखण्ड के दो जिलों में महाराष्ट्र के ‘सुजलाम सुफलाम’ अभियान को पायलट परियोजना के तौर पर लागू करने की संभावनाओं पर गहन अध्ययन करने का निर्देश रविवार को दिया.

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अभियान की सराहना
मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर बुन्देलखण्ड में पेयजल योजनाओं के सम्बन्ध में चर्चा के दौरान महाराष्ट्र में जल समस्या के समाधान के लिए सरकार, राजनीतिक संगठनों, स्वयंसेवी संगठनों तथा जनसहभागिता से चलाए जा रहे ‘सुजलाम सुफलाम’ अभियान पर प्रस्तुतिकरण देखा. महाराष्ट्र में यह अभियान सूखा प्रभावित जिलों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन की मदद से सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है.

योगी ने इस अभियान की सराहना करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त के नेतृत्व में एक टीम को बुंदेलखण्ड के महोबा और हमीरपुर जिलों में इस अभियान को पायलट परियोजना के रूप में लागू करने के लिए अध्ययन करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इन दोनों जिलों में इस अभियान के परिणाम देखने के बाद इसे पूरे बुन्देलखण्ड क्षेत्र में लागू किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के गांव-गांव तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके. भविष्य में इस अभियान के तहत जल संचयन से सम्बन्धित कार्य करने पर भी विचार किया जाएगा.

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि ‘सुजलाम सुफलाम’ अभियान के तहत सम्बन्धित जिले में सबसे पहले विभिन्न वाटरशेड ढांचों जैसे बांध, तालाब, एम आई टैंक, परकोलेशन पॉंड तथा फार्म पॉंड को चिन्हित करके उनकी खुदाई का कार्य किया जाता है.

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बांधों तथा जल इकाइयों से सिल्ट/गाद की सफाई की जाती है. नालों को आवश्यकतानुसार चौड़ा और गहरा किया जाता है. मशीनों की उपलब्धता सी एस आर के माध्यम से की जाती है. जन सहयोग, जिला प्रशासन, स्वयं सेवी संगठनों, कॉरपोरेट क्षेत्र तथा विभिन्न राजनीति दलों की सम्मिलित सहभागिता से इस अभियान को चलाया जाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बुन्देलखण्ड की पेयजल समस्या का समाधान करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है. भविष्य में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अभी से आवश्यक कदम उठाने होंगे. (इनपुट एजेंसी)