लखनऊ: कासगंज में शुक्रवार को तिरंगा यात्रा को लेकर हुए बवाल के बाद जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं और धारा 144 लगा दी गई है. जिले में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस समेत पीएसी, रैपिड ऐक्शन फोर्स (आरएएफ) तैनात कर दी है. इतना नहीं सोशल मीडिया पर अफवाहों के चलते जिले में इंटरनेट सेवाओं को भी बंद कर दिया गया है. हालांकि कहा जा रहा है कुछ अराजक तत्वों ने बसों और दुकानों को आग लगाने की कोशिश की हालांकि प्रशासन ने इस पर काबू पा लिया.

प्रिंसिपल सेक्रटरी अरविंद कुमार ने कहा, ‘कासगंज में तुरंत पुलिसबल मौके पर भेज दिया गया था. शनिवार को आगजनी की कुछ घटनाएं दर्ज की गईं लेकिन हिंसा की कोई खबर नहीं है. स्थिति नियंत्रण में है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी स्थिति पर नजर रख रहे हैं.’

जहां एक ओर प्रिंसिपल सेक्रटरी का कहना है कि शनिवार को हिंसा की कोई खबर नहीं है वहीं दूसरी ओर कासगंज जिलाधिकारी (डीएम) आरपी सिंह ने बताया, ‘सभी इंटरनेट सेवाएं शनिवार (27 जनवरी) शाम 5 बजे से लेकर रविवार (28 जनवरी) शाम 10 बजे तक बंद कर दी गई हैं.’

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बता दें कि तिरंगा यात्रा के दौरान बवाल में मारे गए चंदन गुप्ता के अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान से लौट रहे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. एटा से सांसद राजवीर सिंह इस हद तक घटना से नाराज हो गए कि वह धरने पर बैठ गए. कासगंज जिलाधिकारी आरपी सिंह ने कहा कि हिंसा के मामले में कासगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. इससे पहले शनिवार सुबह उपद्रवियों ने चार दुकान और दो बसों में आग लगा दी थी. स्थितियों पर नियंत्रण के लिए कासगंज जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गईं.

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि शहर में निषेधाज्ञा लागू है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बयान में कहा कि 49 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास किये जा रहे हैं. बयान में कहा गया है, ’26 जनवरी की सुबह कस्बा कासगंज में अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिलों से ‘वंदेमातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए हाथों में तिरंगा झंडा लेकर भ्रमण कर रहे थे. जुलूस जैसे ही दूसरे समुदाय के लोगों के इलाके में पहुंचा तो कुछ उपद्रवी तत्वों ने पथराव और फायरिंग शुरू कर दी, जिससे दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया.’ बयान में यह भी कहा गया, ‘इसी बीच फायरिंग के दौरान दो युवक अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन और नौशाद गोली लगने से घायल हो गये. घायल चंदन को सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.’

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने शनिवार शहर के बाहर एक छोटी दुकान को आग लगाने की कोशिश की. कुछ दुकानों में तोड़फोड़ भी की गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात काबू में किए. कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा, ‘कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के अलावा हमारा प्रयास है कि समुदायों में परस्पर भाईचारा कायम रहे.’

कासगंज के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि असामाजिक तत्वों ने घंटाघर बाजार में जूतों की दो दुकानों को आग लगा दी. दमकल की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया. एक छोटी दुकान को भी आग लगाई गई. उपद्रवियों ने एक बस को भी क्षतिग्रस्त कर आग के हवाले कर दिया. मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू किया. कासगंज में हालातों को सुधारने के लिए पुलिस कोई कोरकसर नहीं छोड़ रही है लेकिन उत्तर प्रदेश के प्रिंसिपल सेक्रटरी (गृह) अरविंद कुमार ने घटना के दूसरे दिन हिंसा की तमाम वारदातों को सिरे से खारिज कर दिया है.

(एजेंसी इनपुट के साथ)