अलीगढ़ः संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में इस्तीफा देने वाले महाराष्ट्र के एक आईपीएस अधिकारी को अलीगढ़ जिला प्रशासन ने शहर में दाखिल होने से रोक दिया. पूर्व आईपीएस अधिकारी अब्दुल रहमान को पकड़ कर अलीगढ़ के लोढ़ा थाने ले जाया गया. उस वक्त वह दिल्ली से अलीगढ़ जा रहे थे. उन्हें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सीएए का विरोध कर रहे छात्रों को संबोधित करना था. Also Read - बीजेपी नेता किरीट सोमैया का बड़ा आरोप- महाराष्ट्र के परिवहन मंत्रालय में हुआ 500 करोड़ का घोटाला, CBI जांच की मांग

रहमान ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें पुलिस ने एक नोटिस दिया है कि एएमयू में उनकी मौजूदगी से कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती हैं लिहाजा उन्होंने अब फैसला किया है कि वह प्रशासन की अनुमति लेने के बाद फिर से अलीगढ़ आएंगे. उन्होंने बताया कि उन्हें एएमयू स्टूडेंट्स कोआर्डिनेशन कमेटी ने नए नागरिकता कानून पर संबोधित करने के लिए बुलाया था. Also Read - Full Lockdown in Maharashtra Updates: महाराष्ट्र में पूर्ण लॉकडाउन लगेगा या नहीं? मंत्री ने कहा, कल फैंसला लेंगे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी रहमान ने गत 11 दिसंबर को पद से इस्तीफा देते हुए कहा था कि उन्होंने यह कदम सांप्रदायिक और असंवैधानिक नए नागरिकता कानून के प्रति विरोध स्वरूप उठाया है. Also Read - COVID-19: देश की सड़कें फिर नजर आईं सूनी, कोरोना संक्रमण के 72 फीसदी से ज्‍यादा केस सिर्फ इन 5 राज्यों से हैं

आपको बता दें कि देश के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लगातार विरोध जारी है. सरकार के वरिष्ठ मंत्री जनता के बीच पहुंच कर इस बात को समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि देश में यह कानून देश की भलाई के लिए लाया गया है और इससे किसी एक भी भारतीय नागरिक कि नागरिकता को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है.