अलीगढ़ः संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में इस्तीफा देने वाले महाराष्ट्र के एक आईपीएस अधिकारी को अलीगढ़ जिला प्रशासन ने शहर में दाखिल होने से रोक दिया. पूर्व आईपीएस अधिकारी अब्दुल रहमान को पकड़ कर अलीगढ़ के लोढ़ा थाने ले जाया गया. उस वक्त वह दिल्ली से अलीगढ़ जा रहे थे. उन्हें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सीएए का विरोध कर रहे छात्रों को संबोधित करना था.Also Read - महाराष्ट्र: पुणे में एनसीपी कार्यकर्ता पर हमला, पूर्व बीजेपी कार्यकर्ता समेत कई पर केस दर्ज

रहमान ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें पुलिस ने एक नोटिस दिया है कि एएमयू में उनकी मौजूदगी से कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती हैं लिहाजा उन्होंने अब फैसला किया है कि वह प्रशासन की अनुमति लेने के बाद फिर से अलीगढ़ आएंगे. उन्होंने बताया कि उन्हें एएमयू स्टूडेंट्स कोआर्डिनेशन कमेटी ने नए नागरिकता कानून पर संबोधित करने के लिए बुलाया था. Also Read - दो कट्टर नक्सलियों ने महाराष्ट्र पुलिस के सामने किया सरेंडर, 12 लाख रुपए का था इनाम

महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी रहमान ने गत 11 दिसंबर को पद से इस्तीफा देते हुए कहा था कि उन्होंने यह कदम सांप्रदायिक और असंवैधानिक नए नागरिकता कानून के प्रति विरोध स्वरूप उठाया है. Also Read - देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे से पूछा, अब पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमत के लिए कौन जिम्मेदार?

आपको बता दें कि देश के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लगातार विरोध जारी है. सरकार के वरिष्ठ मंत्री जनता के बीच पहुंच कर इस बात को समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि देश में यह कानून देश की भलाई के लिए लाया गया है और इससे किसी एक भी भारतीय नागरिक कि नागरिकता को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है.