झांसी: यूपी के झांसी जिले में पुलिस की कथित पिटाई से युवक की मौत के बाद कार्रवाई की मांग कर रहे कांग्रेस नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ सहित 250 लोगों पर मुकदमा लिखे जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. प्रदीप जैन के खिलाफ महिला सिपाही से लूट करने व थाने में तोड़फोड़ के आरोप में हुए मुकदमे के बाद कांग्रेसी नेता राज्यपाल राम नाईक से मिलने लखनऊ पहुंचे. राज्यपाल से मुकदमा वापस लेने की मांग की. इसके साथ ही युवक की मौत की जांच सीबीआई से कराने की मांग की. Also Read - रेप का अजीबो-गरीब मामला- 6 साल के लड़के पर साढ़े पांच साल की बच्ची से बलात्कार का आरोप

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राज्यपाल से की मुकदमा वापस लेने की मांग Also Read - UP News: जमीन हड़पने की साजिश के तहत पुजारी ने ही खुद पर चलवाई थी गोली, पुलिस ने 7 को किया गिरफ्तार

इस मामले में कांग्रेसियों का प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा. कांग्रेस विधायक अराधना मिश्रा और नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित करीब एक दर्जन कांग्रेसियों ने राज्यपाल राम नाईक को ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पर लिखे गए मुक़दमे को फर्जी मुकदमा बताया. विधायक आराधना मिश्रा ने कहा कि पुलिस ने महिला सिपाही से लूटपाट की बात कही है. प्रदीप जैन वहां कार्रवाई की मांग करने गए थे. लूटपाट करने नहीं. वहीँ झांसी में कांग्रेसी नेताओं ने प्रेस कांफ्रेस कर इस मामले को लेकर सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है.

UP: झांसी में थाने में तोड़-फोड़ मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री सहित 250 लोगों पर संगीन धाराओं में केस दर्ज

उमा ने कहा- निर्दोष न फंसें, प्रदीप जैन बोले- दुर्भावना से की गई कार्रवाई

वहीं, इस मामले में केंद्रीय मंत्री व झांसी से सांसद उमा भारती ने कहा कि किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज देखने चाहिए. किसी बेगुनाह पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने अपने ऊपर मुकदमा लिखे जाने पर कहा कि पुलिस ने युवक की रिश्वत न देने पर पिटाई की थी, जिससे उसकी मौत हुई. वह 250 लोगों के साथ शांतिपूर्वक घटना की जांच की मांग कर रहे थे. इस दौरान बीजेपी नेता पूर्व मंत्री रविन्द्र शुक्ल व बीजेपी महानगर इकाई के अध्यक्ष प्रदीप सरावगी भी वहां मौजूद थे, लेकिन पुलिस ने मुकदमा सिर्फ कांग्रेस व आम लोगों के खिलाफ ही किया.

ये है पूरा मामला, पुलिस की पिटाई से हुई थी युवक की मौत

5 जून, 2018 को झांसी के प्रेमनगर के रहने वाले सुनील साहू की मौत हो गई थी. आरोप है कि एक मामले में 50 हजार की रिश्वत नहीं दिए जाने पर पुलिस ने उसकी पिटाई की थी. इस मामले की जांच की मांग को लेकर ही पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन, कांग्रेसी नेताओं व करीब 250 लोगों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे. प्रेम नगर थाने में शव रखकर प्रदर्शन किया जा रहा था. पुलिस का आरोप है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री व प्रदर्शनकारियों ने थाने में तोड़फोड़ की और महिला सिपाही के गहने लूट लिए. पुलिस ने धारा 147, 149, 152, 186, 189, 332, 341, 353, 395 और लोक संपत्ति निवारण अधिनियम की धारा-3 के तहत मुकदमा दर्ज किया है.