लखनऊ: मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ के जीवन पर बन रही फिल्म अभी से विवादों में आ गई है. फिल्म का सिर्फ पोस्टर ही रिलीज हुआ और अभी से भाजपा नेता इसे हिन्दू धर्म और नाथ सम्प्रदाय पर आघात बता रहे हैं. दरअसल फिल्म के पोस्टर में मुख्य्मन्त्री आदित्यनाथ जैसा दिखने वाला शख्स पिस्तौल लिए दिख रहा है.

पोस्टर को बताया बाबा की छवि धूमिल करने का प्रयास
भाजपा नेता आई पी सिंह ने ट्विटर के जरिए फिल्म निर्माता पर हमला तेज करते हुए कहा कि “यह न सिर्फ मान @myogiadityanath जी की छवि को खंडित करने का बल्कि पूरी हिन्दू सभ्यता, नाथ-सम्प्रदाय को कलंकित करने का भी प्रयास है, मैं निर्माताओं को खुली चुनौती देता हूँ कि अगर हिम्मत है तो यह फिल्म रिलीज़ कर के दिखाएं, सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसी नीचता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.”

सीएम योगी आदित्‍यनाथ के जीवन पर आ‍धारित फिल्‍म ‘जिला गोरखपुर’ का धमाकेदार पोस्‍टर जारी

निर्माताओं की फ़ंडिंग की होनी चाहिए जांच
आगे भाजपा नेता ने ट्वीट किया है कि “विनोद जी यह फ़िल्म तो रिलीज़ नहीं होने दी जाएगी, चंद पैसों के लिए अजेंडा चलाते चलाते फ़िल्म निर्माता लिमिट क्रॉस कर जान बूझ कर समाज में उपद्रव फैलाने और लोगों का बाँटने का काम कर रहे हैं, इस फ़िल्म के निर्माताओं को फ़ंडिंग कहाँ से मिली इसकी जाँच करायी जाए.”

विभूतिखण्ड थाने में निर्माताओं के खिलाफ मुक़दमा दर्ज
भाजपा नेता ने फिल्म “जिला गोरखपुर” के निर्माता विनोद तिवारी पर राजधानी के विभूतिखण्ड थाने में आईपीसी की धारा 153A, 295A, 500, 501, 503, 504, 66A में मुकदमा दर्ज कराया और हिन्दू धर्म पर आघात को लेकर पुलिस से शीघ्र जांच करने का आग्रह किया है.

नहीं बनेगी “जिला गोरखपुर”
पूरे विवाद के बाद फिल्म निर्माता विनोद तिवारी ने प्रेस रिलीज जारी कर फिल्म का काम बन्द करने की घोषणा कर दी. फिल्म प्रोजेक्ट बन्द होने के ऐलान के बाद भी भाजपा नेता फिल्म की फंडिंग की जांच पर जोर दे रहे हैं. भाजपा नेता ने फिल्म और पोस्टर के पीछे मुम्बई से सपा नेता अबू आज़मी का हाथ भी बताया है.