लखनऊ: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्‍ना की तस्‍वीर का विवाद खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहा है. पहले बीजेपी सांसद ने पत्र लिखकर मामले को उठाया, तो बाद में विश्‍वविद्यालय परिसर में हिन्‍दू संगठनों के प्रदर्शन और पुलिस के लाठी-चार्ज के बाद मामला बिगड़ गया. काफी दिनों तक जिन्‍ना को लेकर चली बहस मौजूदा समय में कुछ थम गई थी. ऐसे में अब हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने एक नई बहस छेड़ दी है. उन्‍होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का नाम हिन्दू राजा के नाम पर रखने की वकालत की है. क्‍योंकि यूनिवर्सिटी बनाने के लिए राजा महेंद्र प्रताप ने जमीन दी थी.

हमारे सहयोगी अखबार डीएनए की खबर के मुताबिक, हरियाणा के वित्‍त मंत्री कैप्‍टन अभिमन्‍यु ने रेवाड़ी में जाट धर्मशाला के ग्राउंड में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राजा महेंद्र ने हिंदुओं और मुस्लिमों की शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय बनाने के लिए भूमि दान की थी. ऐसे में विश्‍वविद्यालय का नाम अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से बदलकर राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में राजा महेंद्र प्रताप सिंह का योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. इसके बावजूद विश्वविद्यालय में राजा महेंद्र प्रताप सिंह की कोई तस्‍वीर नहीं होना दुख की बात है. क्‍योंकि राजा महेंद्र प्रताप ने बिना किसी हिचकिचाहट के विश्वविद्यालय के लिए जमीन दान की. उन्‍होंने उनका मानना था कि शिक्षा सभी के लिए जरूरी है, इसमें धर्म-जाति आड़े नहीं आनी चाहिए. बावजूद इसके विश्‍वविदयालय में देश को विभाजित करने वाले जिन्ना की तस्‍वीर लगा दी गई है. जिन्ना पर, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्‍मद अली जिन्‍ना ने हिन्‍दुस्‍तान के टुकड़े किए हैं. बता दें कि हरियाणा के वित्‍तमंत्री के दावे के विपरीत एएमयू के केंद्रीय पुस्‍तकालय में राजा महेंद्र की तस्‍वीर लगी हुई है, जबकि उनका कहना था कि एएमयू में राजा की कोई तस्‍वीर ही नहीं है.

AMU में जिन्ना की तस्वीर पर बीजेपी सांसद ने भेजा पत्र, कहा-बंटवारे के सूत्रधार की फोटो क्यों लगी

एएमयू में हिंसा को लेकर भूख हड़ताल
इस बीच, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रसंघ (एएमयूएसयू) नेताओं ने शनिवार की रात को जिन्ना की तस्‍वीर पर परिसर में हुई हिंसा की न्यायिक जांच की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी. एएमयू छात्रसंघ उपाध्यक्ष सहित 10 से ज्यादा छात्र-छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठी हैं. इसको लेकर अलीगढ़ पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क हो गया है. इसी बीच विवि में बीटेक और बीआर्क की परीक्षा देने पहुंचे छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर पर्चे बांटे गए. इन पर्चो में विवि में दो मई को हुई घटना का पूर्ण विवरण दिया गया है. विवि में इन पर्चों के बंटने के बाद खलबली मची है. प्रशासनिक अधिकारी भी इसकी छानबीन में लगे हैं.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में RSS की शाखा लगाने को कार्यकर्ता ने लिखा पत्र, जानें कौन है वो