प्रयागराज/लखनऊ: न्यायमूर्ति गोविंद माथुर ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली. मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट रूम में एक सादे समारोह में यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने माथुर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.Also Read - Indian Railways: प्रयागराज से लखनऊ का सफर होगा आसान, दोनों शहरों के बीच दौड़ेगी शताब्दी एक्सप्रेस, जानें- डिटेल्स

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न्यायमूर्ति माथुर ने अपने करियर की शुरुआत में राजस्थान उच्च न्यायालय में वकालत से की. उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय, इंडियन आयल कॉरपोरेशन, वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज नई दिल्ली, नेशनल टीचर्स एजुकेशन के लिए सरकारी अधिवक्ता के तौर पर भी काम किया. न्यायमूर्ति माथुर का स्थानांतरण राजस्थान उच्च न्यायालय से इलाहाबाद उच्च न्यायालय कर दिया गया था.

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बुधवार सुबह 9:30 बजे उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने मुख्य न्यायाधीश के न्यायकक्ष में जस्टिस गोविंद माथुर को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. न्यायकक्ष जजों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं से खचाखच भरा था. सीसीटीवी से शपथ ग्रहण का परिसर में भी लाइव प्रसारण किया गया. न्यायमूर्ति माथुर ने शुरुआत में राजस्थान उच्च न्यायालय में वकालत की और बाद में उन्हें न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त किया गया था. स्थानांतरण के पश्चात वो इलाहाबाद उच्च न्यायालय आए, यहां उन्होंने 21 नवम्बर, 2017 को शपथ ग्रहण कर पदभार संभाला था. बुधवार को उन्होंने इलाहाबाद (प्रयागराज) उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली.