पिथौरागढ़: उत्‍तराखंड में खराब मौसम के चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा रूक गई है. ऐसे में पिथौरागढ़ जिले के गुंजी आधार शिविर में कई दिनों से 115 कैलाश मानसरोवर यात्री फंसे हुए हैं. चार जत्थों के यात्रा की नोडल एजेंसी ने केंद्र ने आग्रह किया है कि जब तक वहां मौजूद श्रद्धालु आगे नहीं बढ़ते तब तक नये जत्थों को न भेजा जाए. इस पर विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने ट्वीट किया है कि आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) और कुमाऊं विकास मंडल उनकी देखभाल कर रहे हैं. जैसे ही मौसम की स्थिति में सुधार होगा उन्हें विमान से पिथौरागढ़ ले जाया जाएगा.

 

यात्रा की नोडल एजेंसी कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि 20 जुलाई को इस संबंध में विदेश मंत्रालय को एक पत्र लिखकर आग्रह किया गया है कि जब तक खराब मौसम के कारण पहले वाले जत्थे अपनी यात्रा पर आगे नहीं बढ़ पाते तब तक नये जत्थों को न भेजा जाए. मर्तोलिया ने बताया कि आठवें जत्थे के 58 श्रद्धालु खराब मौसम के कारण पिथौरागढ़ के नैनी—सैंणी हवाईपट्टी से गुंजी आधार शिविर के लिए आज रवाना नहीं हो पाये, जबकि नौवें, 10 वें और 11 वें जत्थे के श्रद्धालु क्रमश: चौकरी, अल्मोड़ा और भीमताल में केएमवीएन के विश्राम गृहों में इंतजार कर रहे हैं.

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आठवां जत्‍था 9 दिन से पिथौरागढ़ में फंसा
कैलाश मानसरोवर यात्रियों का आठवां जत्था पिछले नौ दिनों से पिथौरागढ़ से गुंजी के लिए उड़ान भरने का इंतजार कर रहा है और मुख्य समस्या चियालेख घाटी से आगे छाये घने बादल हैं जिनके कारण दृश्यता धूमिल हो रही है. इस वर्ष ऐसा दूसरी बार हो रहा है जब तीर्थयात्रियों को पिथौरागढ़ से गुंजी आधार शिविर तक पहुंचने के लिए इतना लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. इससे पहले 13 जुलाई को उड़ान भरने से पहले सातवें जत्थे के यात्रियों को भी पिथौरागढ़ में सात दिन रुककर मौसम खुलने की प्रतीक्षा करनी पड़ी थी. इस बीच, यात्रा पूरी कर तिब्बत से लौट कर आये पांचवें और छठे जत्थे के यात्री भी गुंजी से वापस पिथौरागढ़ आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं.  (इनपुट- एजेंसी)