कानपुर: नोटबंदी के दौरान बैंक में जन्मे खजांची को यूपी के पूर्व सीएम सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा तोहफा दिया है. अखिलेश ने खजांची को गांव पहुंच उसके दूसरे जन्मदिन के मौके पर उसके माता-पिता को घर की चाबी सौंपी. इस दौरान उन्होंने खजांची का जन्मदिन 11 किलो केक काटकर मनाया. इस दौरान अखिलेश ने कहा कि हमने अपना वादा निभाया है. उन्होंने कहा कि लोग विकास को ही भगवान मानें. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जनता को मुद्दों से भटका दिया है. कांग्रेस भी अब धार्मिक बातें करने लगी है. वहीँ, समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसमें खजांची के जन्म और उसके परिवार की कहानी बताई गई है.

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तोहफा देने खजांची के गांव पहुंचे अखिलेश
खजांची नाथ और उसके माता-पिता झींझक के गांव के रहने वाले हैं. पास ही उसका ननिहाल है. दोनों गांवों का नाम अनंतपुर व सरदारपुरवा है. आज खजांची का दूसरा जन्मदिन था. बताया जा रहा है कि अखिलेश ने न सिर्फ खजांची के लिए, बल्कि उसकी ननिहाल के लिए भी घर का तोहफा दिया है. दोनों घरों की कीमत पांच-पांच लाख रुपए है. अखिलेश ने खुद ही कीमत का खुलासा किया. इस दौरान अखिलेश का खजांची के जन्मदिन का जश्न मनाते हुए 11 किलो का केक भी काटा. दोनों गांवों में एक दिन पहले से तैयारी चल रही थी.

अखिलेश के लिए क्यों महत्वपूर्ण हुआ खजांची

दरअसल, जब पीएम मोदी द्वारा नोटबंदी का ऐलान किया गया, उस समय कानपुर के झींझक इलाके की रहने वाली सर्वेशा देवी नामक महिला 2016 में प्रेग्नेंट थी. सपेरा जाति से ताल्लुक रखने वाली महिला के पति की प्रेगनेंसी के दौरान हो गई थी. जब नोटबंदी हुई तो उस समय सर्वेशा 9 माह की प्रेग्नेंट थी. नोटबंदी के कारण उसे रुपए जमा करने और निकालने के लिए बैंक में लाइन में लगना पड़ा. 2 दिसंबर, 2016 को पंजाब नेशनल बैंक में वह पांच घंटे तक लाइन में लगी रही, तभी उसे प्रसव पीड़ा हुई और उसने बैंक में ही बच्चे को जन्म दे दिया. अखिलेश यादव को जब ये पता चला तो उन्होंने ही बच्चे का नामकरण किया और उसे खजांची नाम दे दिया. इसके बाद अखिलेश ने बच्चे की मां को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी थी.

खजांची को दिए थे 2 लाख रुपए
अखिलेश खजांची को समय-समय पर याद करते हैं. पिछले वर्ष भी 2 दिसंबर, 2017 को अखिलेश यादव ने खजांची का जन्मदिन मनाया था. एक साल पहले खजांची बीमार पड़ा तो उसमें करीब 60 हजार रुपए खर्च हुए. इतना ही नहीं अखिलेश ने खजांची के जन्मदिन के मौके पर ही साइकिल यात्रा शुरू की थी. अखिलेश ने इस बच्चे को बीजेपी के खिलाफ चुनाव प्रचार में चेहरा बना लिया. खजांची का नाम लेकर अखिलेश अक्सर नोटबंदी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते रहते हैं.