नई दिल्‍ली: उत्‍तर प्रदेश के कानपुर एनकाउंटर मामले में चौबेपुर पुलिस थाना के पुलिस अफसर और पुलिसकर्मियों के संदेह के घेरे में आने के बाद कई पुलिसकर्मियों को जांच के दायरे में लिया गया है. इसकेे  बाद स‍िव‍िल लाइंस 10 कॉन्स्टेबलों को चौबेपुर पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित किया गया. आईजीपी कानपुर मोहित अग्रवाल के अनुसार, पुलिस स्टेशन के सभी कर्मियों को जांच के दायरे में लिया गया है. Also Read - विकास दुबे के गांव में दबिश देने से पहले का पुलिस का ऑडियो अब हुआ वायरल, पूर्व SSP की बढ़ेगी मुसीबत

कानपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, कांस्टेबल सुधीर को पुलिस लाइन से चौबेपुर भेजा गया है. इसी तरह कांस्टेबल आशीष, विमल, रवि, मोहित, नवीन, विजेन्द्र, धीरज कुमार, लवकुश, रिशी यादव को भी पुलिस लाइन से चौबेपुर में तैनाती मिली है. Also Read - यूपी में ऑनर किलिंग: लड़की ने प्रेमी को मिलने घर बुलाया था, परिवारवालों ने आग लगा दी, दोनों की मौत

मामले में अब तक चार पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके है. सोमवार को तीन और पुलिस कर्मी निलंबित किए गए. शनिवार को चौबेपुर थानाध्यक्ष को भी निलंबित कर दिया गया था. Also Read - सेक्‍स रैकेट का खुलासा, गाजियाबाद के साहिबाबाद में फ्लैट से 8 युवतियों के साथ 7 पुरुष गिरफ्तार

बता दें क‍ि निलंबित होने वालों में उपनिरीक्षक कुंवरपाल, उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार शर्मा और कांस्टेबल राजीव हैं. ये सभी चौबेपुर थाने में तैनात थे. तीनों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है. वहींं,

 

पुलिस ने सोमवार को कहा कि बदमाशों की गोली लगने से बृहस्पतिवार रात मारे गए पुलिस उपाधीक्षक देवेंन्द्र मिश्रा द्वारा कथित तौर पर कुछ सप्ताह पहले लिखे गए एक पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है. इस पत्र में हाल ही में निलंबित किए गए चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी के खिलाफ गैंगस्टर विकास दुबे से सांठगांठ के आरोप हैं.

उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे के रिश्‍तों की जांच की जा रही है. कुख्‍यात अपराधी दुबे को ढूंढ़ने के लिए 40 थानों की पुलिस की 25 टीमों ने दिन-रात एक कर दिया है. इसके अलावा उप्र एसटीएफ भी अपना काम कर रही है.

पहले दुबे पर पचास हजार रुपए का इनाम था, जिसे बाद में बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया और आज इसे बढ़ाकर ढाई लाख रुपए कर दिया गया है.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी. ने सोमवार को बताया कि निलंबित होने वालों में उपनिरीक्षक कुंवरपाल, उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार शर्मा और कांस्टेबल राजीव हैं. ये सभी चौबेपुर थाने में तैनात थे. तीनों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और अगर जांच के दौरान उनकी भूमिका या साजिश सामने आयी तो उनके खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी. पुलिस के एक अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि तीनों पुलिसकर्मी चौबेपुर के थाना प्रभारी विनय तिवारी के साथ विकास दुबे के घर घटना के एक दिन पहले गए थे.

पिछले हफ्ते 2-3 जून को देर रात कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू निवासी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को उसके गांव पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था, जिसमें एक क्षेत्राधिकारी, एक थानाध्यक्ष समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे. इस दौरान पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक घायल हुआ था.