लखनऊ: सर्कल ऑफिसर देवेंद्र मिश्रा द्वारा पूर्व कानपुर एसएसपी को लिखा गया विवादास्पद पत्र एसएसपी कार्यालय पहुंचा ही नहीं था. इस पत्र में चौबेपुर के स्टेशन अधिकारी विनय तिवारी पर गैंगस्टर विकास दुबे का बचाव करने का आरोप लगाया गया था. पत्र को एक महिला कांस्टेबल द्वारा सर्कल अधिकारी के कंप्यूटर पर टाइप किया गया था. Also Read - दो महीने पहले एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा, जानें मामला

लखनऊ की आईजी लक्ष्मी सिंह ने उप्र के डीजीपी एच.सी.अवस्थी को इस मामले की जांच रिपोर्ट सौंपी है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्कल अधिकारी की बेटी ने अपने पिता की मृत्यु के बाद इस पत्र को वायरल कर दिया. बता दें कि आईजी लक्ष्मी सिंह ने बिल्हौर सर्कल अधिकारी के कार्यालय से जांच के लिए लैपटॉप और दस्तावेज जब्त किए थे. Also Read - गैंगस्‍टर विकास दुबे 'कानपुरवाला' के नाम पर बदमाश लोगों के बीच पैदा कर रहे दहशत

दो दिन पहले जब यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, तो एसएसपी कानपुर दिनेश कुमार प्रभु ने कहा था कि उनके कार्यालय में इस पत्र के आने का पता नहीं लग पाया है. अभी तक यह पता नहीं चला है कि यह पत्र कैसे गायब हुआ और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है. आईजी ने इस मामले में विस्तृत जांच कराए जाने की सिफारिश की है. Also Read - Vikas Dubey Ghost: क्या बिकरू गांव में विकास दुबे का भूत है? रोज रात चलती हैं गोलियां, अपने घर बैठा दिखता है विकास!