नई दिल्ली: कानपुर में गुरुवार की रात को बदमाशों ने दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम दिया. हिस्ट्री शीटर विकास दुबे को पकड़ने के इरादे से बिकरू गांव गई पुलिस वालों पर बदमाशों ने जमकर फायरिंग की जिसमें आठ पुलिस कर्मी अपनी जान गंवा बैठे. इस घटना में एक सीओ, एक एसओ, एक चौकी इंचार्ज और पांच सिपाही शहीद हुए हैं. इसके अलावा 4 सिपाही घायल हैं जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है जिनमें एक गंभीर है. Also Read - केरल विमान हादसा: को-पायलट अखिलेश पीछे छोड़ गए गर्भवती पत्‍नी, 10-15 दिन में बनने वाली हैं मां

इस घटना में -देवेंद्र कुमार मिश्र, सीओ बिल्हौर, महेश यादव, एसओ शिवराजपुर, अनूप कुमार, चौकी इंचार्ज मंधना, नेबूलाल, सब इंस्पेक्टर शिवराजपुर, सुल्तान सिंह, कांस्टेबल थाना चौबेपुर, राहुल, कांस्टेबल बिठूर, जितेंद्र, कांस्टेबल बिठूर, बबलू, कांस्टेबल बिठूर शहीद हुए हैं. Also Read - सांपों के आतंक से दहशत में बहराइच का ये गांव, 10 दिनों में 26 लोगों को बनाया अपना शिकार

बदमाशों को पहले से ही इस बात की भनक थी कि पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए गांव में आ रही है और वो इसके लिए उन्होंने पहले से ही प्लानिंग कर ली थी. पुलिस से निपटने के लिए बदमाशों ने प्लान के तहट घटना को अंजाम दिया. जानकारी के अनुसार जब पुलिस दबिश के लिए बिकरू गांव जा रही थी तो रास्ते में उन्हें जेसीबी खड़ी मिली जिससे रास्ता बंद होने के कारण गाड़ियों को रोकना पड़ा. जेसीबी को हटाने के लिए जैसे ही पुलिस कर्मी गाड़ियों से उतरे तो बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलिया चला दी.

इसमें यूपी पुलिस के आठ जवान शहीद हो गए. बताया जा रहा है कि बदमाशों ने पुलिस के ऊपर AK-47 राइफल से हमला किया. घटना में शामिल बदमाशों की तलाश के लिए पुलिस ने अभियान को तेज कर दिया है. विकास दुबे और उसके साथियों को पकड़ने के लिए STF को लगा दिया गया है.

जानकारी के अनुसार घटना को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने पुलिस के असलहे भी लूट लिए और वहां से फरार हो गए. सीएम योगी आदित्यनाथ ने मारे गए पुलिस कर्मियों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और साथ ही घटना पर दुख जताया है. उन्होंने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं.