कानपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस ने शनिवार को कानपुर छापेमारी में कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे को पुलिस रेड की सूचना देने संदेह में चौबेपुर पुलिस स्टेशन के एसओ अधिकारी विनय तिवारी को सस्‍पेंड कर दिया गया दिया गया है. वहीं, जिला प्रशासन ने एक कार्रवाई करते हुए विकास का घर गिरा दिया है. Also Read - विकास दुबे के गांव में दबिश देने से पहले का पुलिस का ऑडियो अब हुआ वायरल, पूर्व SSP की बढ़ेगी मुसीबत

बताया गया है कि कानपुर के चौबेपुर में शुक्रवार को हुए एनकाउंटर के मामले में एसओ विनय तिवारी (Vinay Tiwari) की भूमिका संदिग्ध है. बता दें कि गुरुवार देर रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू निवासी कुख्यात अपराधी विकास दुबे को उसके गांव पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था, जिसमें एक क्षेत्राधिकारी, एक थानाध्यक्ष समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए. मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक घायल है. Also Read - यूपी में ऑनर किलिंग: लड़की ने प्रेमी को मिलने घर बुलाया था, परिवारवालों ने आग लगा दी, दोनों की मौत

कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने आज पुष्टि की कि विनय तिवारी को पुलिस की छापेमारी के बारे में गैंगस्टर को पकड़ने के संदेह पर ड्यूटी से निलंबित कर दिया गया है. आईजी अग्रवाल ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया जाएगा और जेल भेजा जाएगा. चौबेपुर थानाध्यक्ष विनय तिवारी से यूपी एसटीएफ की टीम पूछताछ कर रही है. Also Read - सेक्‍स रैकेट का खुलासा, गाजियाबाद के साहिबाबाद में फ्लैट से 8 युवतियों के साथ 7 पुरुष गिरफ्तार

बता दें कि इस मामले में कुछ पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह जाना जा सके कि दुबे को उसके घर पर पुलिस की छापेमारी के बारे में पहले से खबर कैसे लगी, जिससे उसने पूरी तैयारी के साथ पुलिस दल पर हमला किया.

कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) मोहित अग्रवाल ने बताया, ”विकास दुबे और उसके सहयोगियों को पकड़ने के लिए पुलिस की 25 टीमें लगाई गई हैं, जो प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा कुछ दूसरे प्रदेशों में भी छापेमारी कर रही हैं.” हालांकि, उन्होंने कहा कि यह नहीं बताया जा सकता कि पुलिस की टीमें किन-किन जनपदों में और किन प्रदेशों में तलाशी अभियान चला रही है.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि सर्विलांस टीम लगभग 500 मोबाइल फोन की छानबीन कर रही है और उससे विकास दुबे के बारे में सुराग लगाने का प्रयास कर रही है. इसके अलावा यूपी एसटीएफ की टीमें भी अपने काम में लगी हैं. आईजी ने विकास दुबे के बारे में सही जानकारी देने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम भी देने की घोषणा की है और जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखने की बात कही है.