नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के कानपुर इलाके के बिकरू गाँव में सीओ देवेन्द्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मियों पर नक्सलियों की तरह हमला कर शहीद करने वाला विकास दुबे (Criminal Vikas Dubey) पर इनाम की राशि बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई है. वारदात को 5 दिन हो गए हैं, लेकिन उसका पता नहीं चला है. 60 से अधिक मुक़दमों वाले दुर्दांत विकास दुबे को पकड़ने के लिए 100 से अधिक पुलिस टीमें लगी हैं. 10 हज़ार पुलिसकर्मी उसे तलाश रहे हैं. एसटीएफ भी उसके पीछे लगी हुई है. Also Read - विकास दुबे के गांव में दबिश देने से पहले का पुलिस का ऑडियो अब हुआ वायरल, पूर्व SSP की बढ़ेगी मुसीबत

ऐसे में एक बात और ज़ेहन में है कि आखिर विकास दुबे इतने पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद कैसे भागा कि पुलिस उसे अब तक पकड़ नहीं पा रही है. आपको जानकार हैरत होगी कि विकास दुबे इतने बड़े जघन्य काण्ड को अंजाम देने वाले के बाद किसी कार या अन्य वाहन की बजाय मौके से साइकिल से फरार हुआ था. Also Read - यूपी में ऑनर किलिंग: लड़की ने प्रेमी को मिलने घर बुलाया था, परिवारवालों ने आग लगा दी, दोनों की मौत

इतनी बड़ी वारदात के बाद भी नहीं थी हड़बड़ी, साइकिल से भागा
हिंदी अखबार अमर उजाला की खबर के अनुसार, रात में विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ गाँव में घर के बाहर पुलिस टीम पर हमला किया. काफी देर तक गोलीबारी में सीओ देवेन्द्र मिश्र, एसओ, सब इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए, जबकि कई घायल हो गए. इसके बाद भी विकास दुबे किसी हड़बड़ी में नहीं था. उसने बेहद दिमाग से काम लिया और रात दो बजे के बाद वह घर से भागा. वह किसी वाहन से नहीं बल्कि साइकिल से निकला. करीब पांच किलोमीटर तक वह साइकिल से गया. इसके बाद शिवली कसबे में रुका यहाँ आकर उसने अपना मोबाइल बंद किया. यहीं से उसने किसी की बाइक ली, और फिर लखनऊ के लिए निकल गया. लखनऊ से वह कहाँ गया, इसका अब तक पता नहीं चला है. जबकि उसकी आखिरी लोकेशन चंदौली की मिली है. Also Read - सेक्‍स रैकेट का खुलासा, गाजियाबाद के साहिबाबाद में फ्लैट से 8 युवतियों के साथ 7 पुरुष गिरफ्तार

पुलिस से ही मिल गई थी रेड की जानकारी
दो बजे के बाद मौके पर एसएसपी सहित बड़ी संख्या में पुलिस फ़ोर्स पहुंचा, तब तक विकास दुबे पहुँच से दूर हो चुका था. आज ही चौबेपुर थाना इलाके के एसओ रहे विनय तिवारी को अरेस्ट कर लिया गया है. विनय पर विकास दुबे की ही मुखबिरी का आरोप है. विनय ने ही विकास को पुलिस टीम के आने की जानकारी दी थी. विनय पुलिस टीम के साथ में था, लेकिन वह विकास के घर तक पहुँचने से पहले ही पीछे से ही भाग निकला था. विनय के साथ ही सब इंस्पेक्टर केके शर्मा को भी अरेस्ट किया गया है. केके शर्मा से ही विकास दुबे से कहा था कि अगर मेरे यहाँ पुलिस आई तो वापस नहीं लौट पाएगी. इसके बाद केके शर्मा ने डरते हुए अपनी ड्यूटी ही कहीं और लगवा ली.

पुलिस के बीच थी बेहद गहरी पैठ
विकास दुबे पर पिछले कई सालों में 60 से अधिक मुक़दमे दर्ज हुए, लेकिन वह बचा रहा. यहाँ तक कि थाने में एक मंत्री की हत्या के मामले में भी वह बच गया क्योंकि किसी भी पुलिस कर्मी ने उसके खिलाफ बयान ही नहीं दिया था, जबकि सब थाने में ही मौजूद थे. नेताओं और पुलिस के संरक्षण में ऐसे लोग कैसे फलते फूलते हैं, विकास दुबे इसका बड़ा उदाहरण है.

विकास के बाद भागी थी पत्नी
वारदात को अंजाम देने के बाद विकास भागा फिर उसकी पत्नी मौके से फरार हुई. विकास की पत्नी रिचा दुबे का भी अब तक पता नहीं लग सका है. विकास की पत्नी रिचा दुबे चुनाव जीतकर जिला पंचायत सदस्य है. रिचा दुबे अपने पति विकास का पूरा साथ देती थी. उसने कानपुर में बिकरू गाँव में बने किलेनुमा घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को अपने मोबाइल से जोड़ा हुआ था, जिससे वह घर के आसपास हो रही गतिविधियों पर नज़र रखती थी. अगर कभी विकास को पुलिस ले भी गई तो वह ये वीडियो वायरल कर देती थी. ताकि पुलिस उसका एनकाउंटर न कर सके. विकास ने इन सब से अपने बच्चों को दूर रखा. इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसका एक बेटा इंग्लैंड में एमबीबीएस कर रहा है, जबकि दूसरा बेटा यहीं एक अच्छे स्कूल में पढ़ता है.