लखनऊ: हाथरस और बलिया की घटनाओं में करणी सेना ने आरोपियों को अपना समर्थन दिया है. दोनों मामलों में आरोपी ठाकुर समुदाय के हैं. सेना का एक प्रतिनिधिमंडल बलिया में आरोपी धीरेंद्र सिंह से मिलने वाला है. आरोपी ने 15 अक्टूबर को एक पंचायत की बैठक के दौरान एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी. वह पुलिस के हिरासत में है. करणी सेना के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह ने कहा, “राशन की दुकानों के आवंटन के दौरान दूसरे पक्ष ने धीरेंद्र के 84 वर्षीय पिता के साथ झगड़ा किया, जिसके कारण उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई.”Also Read - Jharkhand News: लोहरदगा में आदिवासी नाबालिग लड़की से गैंगरेप के मामले में तीन गिरफ्तार

इससे पहले बैरिया विधानसभा सीट से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने धीरेंद्र प्रताप सिंह का बचाव किया था और मामले में सीबी-सीआईडी जांच की मांग की थी. हालांकि, भाजपा नेतृत्व ने उन्हें इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं करने की चेतावनी दी. उन्होंने आगे कहा, “यह सच है कि उसने अपराध किया है, लेकिन उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिन्होंने उसे ऐसा करने के लिए मजबूर किया. भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह यही बात कह रहे हैं और हमारी करणी सेना उनका समर्थन करती है.” Also Read - दोस्तों को बुलाकर अपनी ही पत्नी से कराता था गैंगरेप, पति चौंकाने वाले तरीके से करता था प्रताड़ित, अब...

करणी सेना के अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह वीरू ने आरोप लगाया कि प्रशासन आरोपियों को निशाना बना रहा है. संगठन ने उन्हें न्याय दिलाने के लिए आंदोलन शुरू करने का वादा किया है. करणी सेना ने हाथरस में कथित दुष्कर्म और हत्या के मामलों में आरोपियों को समर्थन देने की भी घोषणा की है. चारों आरोपी ठाकुर समुदाय से हैं. Also Read - मध्य प्रदेश: 14 साल की लड़की से ट्रक में गैंगरेप, हत्या कर शव चंबल नदी में फेंका

करणी सेना के नेता ने कहा, “अब जब ऐसी खबरें आ रही हैं कि पीड़िता और आरोपी के बीच 104 बार बातचीत हुई तो मामले ने अलग मोड़ ले लिया है. सीबीआई को घटना के समय चारों आरोपियों के मोबाइल स्थानों का पता लगाना चाहिए, ताकि सच्चाई खुलकर सामने आ सके. आप जाति के आधार पर किसी के लिए भी सहानुभूति सुनिश्चित नहीं कर सकते.” करणी सेना के सदस्यों ने इस महीने की शुरुआत में आरोपियों के समर्थन में हाथरस में आयोजित ठाकुर पंचायत में भाग लिया था.