कासगंज: इसी वर्ष गणतंत्र दिवस को हुई हिंसा के मद्देनजर जनपद में तिरंगा यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने अलर्ट जारी किया है. प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने अधिकारियों को निर्देश जारी कर कहा है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है. उपद्रवियों से सख्ती निपटने के भी दिए गए आदेश.

तिरंगा यात्रा को लेकर मुस्तैद पुलिस-प्रशासन
गृह विभाग ने कहा है कि कानून को हाथ में लेने वालों खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासनिक अधिकारियों से लोगों पर नजर रखने को कहा गया है. वहीँ जिला प्रशासन की मांग व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शासन ने अतिरिक्त फोर्स भी मुहैया कराई है. गौरतलब है कि इसी वर्ष गणतंत्र दिवस के मौके पर कासगंज में हिंसा भड़क उठी थी. ख़ुफ़िया सूत्रों के मुताबिक अब यहां 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के मौके पर तमाम संगठन तिरंगा यात्रा निकालने की तैयारी में है. इस दौरान सौहार्द न बिगड़े इसी को देखते हुए कासगंज के एसपी शिवहरि मीणा ने डीजीपी मुख्यालय को पत्र भेजकर अतिरिक्त फोर्स की मांग की थी.

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यात्रा की इजाजत न देने की सिफारिश
एसपी कासगंज शिवहरि मीणा ने बताया कि 15 अगस्त को दो पक्षों की तरफ से जिला प्रशासन से तिरंगा यात्रा निकालने की अनुमित मांगी गई है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने प्रशासन से तिरंगा यात्रा की इजाजत नहीं देने की सिफारिश की गई है. जिससे शहर में पहले जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो. गौरतलब है कि 26 जनवरी को विश्व हिन्दू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा निकाली जा रही मोटरसाइकिल रैली पर पथराव के बाद हिंसा भड़क उठी थी. इसके बाद हुई आगजनी व फायरिंग में एक युवक चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी जिसे लेकर पूरा कासगंज हिंसा की आग में जल उठा था. इस मसले पर राजनीति भी खूब हुई थी.

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हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता मामले में पुलिस ने नामजद आरोपियों की लिस्ट जारी की थी. जिसके बाद इस मामले में 117 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. हिंसा में दर्ज 5 एफआईआर के तहत 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि 81 लोगों को धारा-144 के उल्लंघन के आरोप में अरेस्ट किया गया था. कासगंज हिंसा के दौरान शहर में आगजनी की 7 एफआईआर भी दर्ज की गई थी. 15 अगस्त को जनपद में कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए प्रशासन ने कमर कस ली है.