Kashi Vishwanath Gyanvapi Case: फास्ट ट्रैक अदालत ने बृहस्पतिवार को काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद विवाद से जुड़े मामले में विवादित परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण करवाने का आदेश दिया. अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी ने यह जानकारी दी है.Also Read - 8th International Yoga Day: योग की इससे खूबसूरत तस्वीरें आपने नहीं देखी होंगी

इस मामले में वाद दायर करने वाले वकील रस्तोगी ने बताया कि सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक (दीवानी न्यायाधीश) अदालत, वाराणसी ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को अपने खर्चे पर यह सर्वेक्षण करने का आदेश दिया है. Also Read - उत्तर प्रदेशः ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे का आदेश देने वाले जज का ट्रांसफर

उन्होंने बताया कि इस सर्वेक्षण में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षेण (एएसआई) के पांच विख्यात पुरातत्ववेत्ताओं को शामिल करने का आदेश दिया गया है जिसमे दो अल्पसंख्यक समुदाय के पुरातत्ववेत्ता शामिल रहेंगे. Also Read - बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर में स्वर्ण लगाने का कार्य हुआ पूरा, लगाया गया 60 किलो सोना

अधिवक्ता ने बताया कि वर्ष 2019 में दीवानी न्यायाधीश की अदालत में उन्होंने स्वयम्भू भगवान विश्वेश्वर काशी विश्वनाथ की ओर से वाद मित्र के रूप में आवेदन दिया था कि ज्ञानवापी मस्जिद, विश्वेश्वर मंदिर का एक अंश है. उन्होंने कहा कि अदालत ने उनके अनुरोध पर विचार करते हुए परिसर में पुरातात्विक सर्वेक्षण के आदेश दिया है.

(इनपुट भाषा)