Kashi Vishwanath Gyanvapi Case: फास्ट ट्रैक अदालत ने बृहस्पतिवार को काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद विवाद से जुड़े मामले में विवादित परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण करवाने का आदेश दिया. अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी ने यह जानकारी दी है. Also Read - COVID19 केसों में उछाल के चलते UP के लखनऊ, कानपुर, वाराणासी और प्रयागराज में आज से नाइट कर्फ्यू लागू होगा

इस मामले में वाद दायर करने वाले वकील रस्तोगी ने बताया कि सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक (दीवानी न्यायाधीश) अदालत, वाराणसी ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को अपने खर्चे पर यह सर्वेक्षण करने का आदेश दिया है. Also Read - Uttar Pradesh: अब कानपुर और वराणसी में भी कमिश्नरेट सिस्टम को मिली मंजूरी, आएंगे ये बड़े बदलाव; जानिए फुल डिटेल

उन्होंने बताया कि इस सर्वेक्षण में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षेण (एएसआई) के पांच विख्यात पुरातत्ववेत्ताओं को शामिल करने का आदेश दिया गया है जिसमे दो अल्पसंख्यक समुदाय के पुरातत्ववेत्ता शामिल रहेंगे. Also Read - Shiv Ki Rasoi: काशी में शुरू हुई शिव की रसोई, 500 से अधिक श्रद्धालु ग्रहण कर सकेंगे प्रसाद

अधिवक्ता ने बताया कि वर्ष 2019 में दीवानी न्यायाधीश की अदालत में उन्होंने स्वयम्भू भगवान विश्वेश्वर काशी विश्वनाथ की ओर से वाद मित्र के रूप में आवेदन दिया था कि ज्ञानवापी मस्जिद, विश्वेश्वर मंदिर का एक अंश है. उन्होंने कहा कि अदालत ने उनके अनुरोध पर विचार करते हुए परिसर में पुरातात्विक सर्वेक्षण के आदेश दिया है.

(इनपुट भाषा)