लखनऊ: अयोध्या में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद के बीच का मामला अब खत्म हो चुका है. राम मंदिर का भूमि पूजन भी हो चुका है और मंदिर निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है. इस बीच देश में नए मामले सामने आने लगे थे. जिसमें काशी और मथुरा को लेकर कानूनी लड़ाई तेज कर दी गई थी. वाराणसी के काशी विश्वनाथ और ज्ञानवापी मस्जिद मामले में कोर्ट ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और अनुजम इंतेजामिया की याचिका को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है. साथ ही कोर्ट ने कहा कि 12 नवम्बर को निगरानी याचिका पर सुनवाई होगी. Also Read - अर्णब गोस्वामी को अदालत से नहीं मिली राहत, शुक्रवार को बंबई हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

बता दें कि इससे पहले मंगलवार के दिन जिलाल जज के कोर्ट में इस मामले की सुनवाई की गई थी. जिला न्यायधीश की अदालत में निगरानी याचिका की ग्राह्यता पर सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से अधिवक्ता तौहिद खान व अभयनाथ यादव ने दलील दी है कि सिविल जज का आदेश अंतमि अंदेश है. बता दें कि काशी विश्वनाथ और ज्ञानवापी मस्जिदा का विवाद साल 1991 से चल रहा है. Also Read - Kashi Vishwanath Corridor: मंदिर से गंगा घाट तक बनेंगी 24 इमारतें, जानें कैसा होगा काशी विश्वनाथ कॉरिडोर

इस पूरा मामला लगभग 30 साल पुराना है. लेकिन मंदिर-मस्जिद का यह विवाद दशकों पुराना है. बता दें कि इस मामले पर स्वतंत्रता से पहले भी कोर्ट में बहस हो चुकी है. उस दौरान हिंदू पक्ष की तरफ से नहीं बल्कि मुस्लिम पक्ष की ओर से याचिका दाखिल की गई थी. Also Read - कंगना रनौत ने शेयर की फूलों सी नाजुक तस्वीर लिखा- इक आग का दरिया है और डूब के जाना है