लखनऊ/देहरादून: केदारनाथ और उसके आसपास के क्षेत्रों में विनाशकारी बाढ़ आने के पांच साल बाद इस त्रासदी के शिकार लोगों के कंकाल तीन दिन के तलाशी अभियान के दौरान एक बार फिर बरामद हुए हैं.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने तलाशी अभियान चलाने वाली टीमों की रिपोर्ट मिलने के बाद कहा कि इस धर्मस्थल के आसपास चार खोपड़ियां समेत 21 कंकाल मिले हैं. उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों की पांच टीमों ने धर्मस्थल के अलग अलग मार्गों पर यह अभियान चलाया. टीम ने डीएनए नमूने लिए और फिर उनका अंतिम संस्कार किया. हर टीम की अगुवाई पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी ने की. ज्यादातर कंकाल इस मंदर के रामबारा और त्रिजुगीनारायण ट्रैक मार्गों पर मिले हैं. रामबारा केदारनाथ जाने के मार्ग में एक बड़ा पड़ावस्थल है. जब बाढ़ आयी थी तब बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां थे. यह स्थान तब पूरी तरह जलमग्न हो गया था.

केदारनाथ हादसे के पांच साल बाद फिर से नरकंकाल खोजने में जुटी उत्‍तराखंड पुलिस

उत्‍तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही खोजबीन
पुलिस ने उच्च न्यायालय के 2016 के आदेश के अनुसार 12 अक्टूबर को यह अभियान शुरु किया था. उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को और तलाशी अभियान चलाकर यह पता लगाने को कहा था कि प्रभावित क्षेत्रों में और लोग दफन तो नहीं हैं. उच्च न्यायालय का यह आदेश एक जनहित याचिका पर आया था . जनहित याचिका में दलील दी गयी थी कि राज्य सरकार ने माना कि बाढ़ के बाद करीब 3500 लोग लापता हो गये लेकिन 450 शव ही बरामद हुए हैं.

मुख्यमंत्री ने माना, केदारनाथ मंदिर के पास मिले 31 नर कंकाल

2013 की आपदा में गई थी हजारों लोगों की जान
इस त्रासदी के तीन साल से भी अधिक समय बाद अक्टूबर. 2016 में रुद्रप्रयाग जिले में त्रिजुगीनारायण के समीप जंगलों से कुल 31 कंकाल मिले थे. वर्ष 2013 में भारी बारिश के बाद चौराबारी झील के ध्वस्त होने के बाद अचानक भयंकर बाढ़ आयी थी और हजारों लोगों की जान चली गयी थी.