Kisan Credit Card Latest News in Hindi: केसीसी (KCC) को लेकर यूपी की योगी सरकार (Yogi Adityanath) ने बड़ा फैसला किया है. इस फैसले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि किसानों के पास नकदी न होने की समस्या दूर हो सकती है. इस समय नकदी कृषि क्षेत्र का सबसे बड़ा संकट है. साथ ही जरूरत भी. फसलों की बुआई में समय की सबसे बड़ी अहमियत होती है. समय से बुआई न होने का सीधा असर संबंधित फसल के उत्पादन पर पड़ता है. कालांतर में इससे किसानों की आय प्रभावित होती है. हर फसली सीजन के पहले किसानों को सिंचाई, खेत की तैयारी, खाद-बीज के लिए नकदी की जरूरत होती है. अब ये समस्या दूर करने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है.Also Read - UP Polls 2022: गोरखपुर से Yogi Adityanath के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं डॉक्टर Kafeel Khan

फिलहाल इसका सबसे प्रभावी समाधान केसीसी (Kisan Credit Card) है. केसीसी (KCC) के तहत किसानों को रियायती दर पर ऋण (Kisan Credit Card Loan) दिया जाता है. उत्तर प्रदेश सरकार अभियान चलाकर 2 करोड़ किसानों को केसीसी से जोड़ेगी. इससे कृषि क्षेत्र में करीब दो लाख करोड़ रुपए की लिक्विडिटी (तरलता) आएगी. इससे कृषि निवेश का संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा. फिलहाल योगी सरकार अब तक पौने दो लाख करोड़ किसानों को केसीसी से आच्छादित कर चुकी है. 2 करोड़ के आच्छादन का लक्ष्य इससे अतिरिक्त होगा. इसके लिए कृषि और संबधित विभाग बैंकों से मिलकर अभियान चलाएंगे. Also Read - RPN Singh Joins BJP: कांग्रेस से इस्तीफा देने के कुछ घंटों के बाद BJP में शामिल हुए RPN सिंह

अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदेश में करीब 1 करोड़ 63 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) मिल चुका है. 2 करोड़ 40 लाख किसान हमारे यहां पंजीकृत हैं. हमने करीब 65-70 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है. छोटी जोत वाले किसान क्रेडिट लिमिट के कारण ज्यादा रूचि नहीं दिखा रहे है. इसके अलावा प्रवासी लोग हैं जो बाहर रहते है. छोटी जोत और प्रवासी लोग इच्छुक नहीं हैं. Also Read - UP चुनावों से पहले कांग्रेस को झटका, RPN सिंह ने छोड़ी पार्टी, BJP दफ्तर पहुंचे

ज्ञात हो कि फसली सीजन में किसानों को खेतीबाड़ी की तैयारी में पूंजी समस्या न बने इसके लिए सरकार ने और भी कई कदम उठाए हैं. स्वामीनाथ कमेटी के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) संबधित फसल की लागत से जोड़ना. एमएसपी में शामिल फसलों का विस्तार. खरीद की पारदर्शी प्रक्रिया और 72 घंटे में किसानों के खाते में भुगतान. इसके तहत सरकार एमएसपी पर अब तक 64,000 करोड़ रुपए का भुगतान कर चुकी है.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Pradhanmantri Kisan Samman Nidhi) के तहत अब तक सूबे के करीब 2.42 करोड़ किसानों को 2,7101 करोड़ रुपए मिल चुके हैं. इस योजना के सर्वाधिक लाभार्थी उत्तरप्रदेश के ही किसान हैं. योजना के तहत पात्र किसानों को दो-दो हजार रुपए की बराबर किस्तों में एक साल में 6000 रुपए दिए जाते हैं. किसानों को वित्तीय संकट से राहत दिलाने के लिए ही योगी सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट में ही 86 लाख लघु-सीमांत किसानों का 36000 करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर दिया. तबसे किसानों को राहत देने का सिलसिला जारी है. योगी सरकार के कार्यकाल में अब तक 122,251 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है.