Kisan Mahapanchayat: संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रविवार को मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में आज किसानों की महापंचायत आयोजित की गई है. कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर आयोजित इस महापंचायत में पश्चिम उत्तर प्रदेश समेत देश के दूसरे राज्यों के कुल 300 किसान संगठन शामिल हुए हैं. इस महापंचायत को लेकर पुलिस, प्रशासन हाई अलर्ट पर है.Also Read - फल देने का झांसा देकर बगीचे में ले गए, फिर दो लोगों ने किया नाबालिग लड़की का रेप; सोशल मीडिया पर डाला वीडियो

मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान महापंचायत की LIVE Updates…. Also Read - UP News: आजम खां, मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की अब कुंडली खंगालेगी ED, मनी लान्ड्रिंग का है मामला

महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि हम संकल्प लेते हैं कि हम धरना स्थल को (दिल्ली सीमा पर) नहीं छोड़ेंगे, भले ही हमारा कब्रिस्तान  ही क्यों ना वहाें बन जाए. जरूरत पड़ने पर हम अपनी जान भी दे देंगे, लेकिन जब तक हम विजयी नहीं होंगे तब तक धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे. Also Read - आंदोलन में जान गंवाने वाले 150 किसानों के परिजनों को नौकरी न दे पाने से दुखी हूं: अमरिंदर सिंह

महापंचायत के मंच से संयुक्त किसान मोर्चा ने 27 सितंबर को भारत बंद की घोषणा की है. बता दें कि इससे पहले 25 सितंबर को भारत बंद की घोषणा की गई थी, जिसकी तारीख अब बदल दी गई है.

महापंचायत को संबोधित करते बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा-आंदोलन जितना जोर पकड़ रहा है, सरकार उतनी कमजोर पड़ रही है. हमने वोट पर चोट की तो बंगाल के नतीजे सामने है.

जिसे अन्नदाता कहते थे उन्हें कभी खालिस्तानी तो कभी पाकिस्तानी बताया गया.

हम अपना हक लेने आये हैं, समझौता नहीं करेंगे. जब तक कानून वापस नहीं होंगे हम भी वापस नहीं जाएंगे.

राकेश टिकैत गाजीपुर बार्डर से सीधे महापंचायत में पहुंच गए हैं. इनके साथ नरेश टिकैत, चढ़ूनी और भाकियू के जिलाध्‍यक्ष व किसान नेता योगेंद्र यादव मंच पर मौजूद हैं.

मंच पर पहुंचते ही इन्‍होंने हाथ उठाकर लोगों का अभिवादन किया. राकेश टिकैत यहां से वापस गाजीपुर बार्डर ही जाएंगे.वे नौ महीने से घर नहीं गए है.

ढोल मजीरा बजाते हुए किसानों का जनसैलाब यूपी के मुजफ्फरनगर के जीआइसी मैदान पहुंचा है.

बड़ी संख्या में पहुंची महिला किसान, एक महिला किसान ने बताया,”हम यहां 3 क़ानूनों को वापस कराने के लिए इकट्ठा हुए हैं. PM से हमारा अनुराध है कि इस आंदोलन को 9 महीने हो गए हैं इससे और न बढ़ाएं तथा 3 क़ानूनों को वापस लें.”

हाई अलर्ट पर पुलिस-प्रशासन

एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल ने बताया है कि मुजफ्फरनगर महापंचायत के लिए 20 सीओ, एक डीआईजी, सात एसपी (शामली, सहारनपुर, बागपत भी शामिल) आठ कंपनी पीएसी और दो कंपनी आरएएफ को अतिरिक्त लगाया गया है.

रहेगी पूरी व्यवस्था

बयान में कहा गया है कि किसानों के वास्ते भोजन की व्यवस्था के लिए 500 लंगर सेवाएं शुरू की गई हैं, जिसमें सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर चलने वाली मोबाइल लंगर प्रणाली भी शामिल है. महापंचायत में भाग लेने वाले किसानों के लिए 100 चिकित्सा शिविर भी लगाए गए हैं.

शराब की दुकानें रहेंगी बंद

जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि शनिवार शाम छह बजे से पांच सितंबर को महापंचायत खत्म होने तक जिले में शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी. उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उठाया गया है.