नई दिल्ली. भाजपा के गढ़ और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को उनके क्षेत्र में मात देने वाले समाजवादी पार्टी के नेता प्रवीण निषाद महज 29 साल के हैं. गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र के उपचुनाव में उन्होंने अपनी जीत से बड़े-बड़े राजनीतिक विश्लेषकों के अनुमान को ध्वस्त कर दिया है.  न सिर्फ प्रवीण निषाद के लिए, बल्कि गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा के लिए भी यह जीत मायने रखती है. क्योंकि यहां से किसी दूसरी पार्टी के लिए जीत के अनुमान लगाना अभी तक नामुमकिन ही माना जा रहा था. लेकिन सपा और बसपा के तालमेल ने गोरखपुर की सियासत में नया इतिहास रच दिया है. सपा के अध्यक्ष पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आज के प्रेस कॉन्फ्रेंस ने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए गोरखपुर और फूलपुर के सपा उम्मीदवारों को बधाई दी है. गोरखपुर के सपा उम्मीदवार प्रवीण निषाद के लिए तो यह पहला ही चुनाव था, लेकिन सियासी गहमा-गहमी के बीच पूरा चुनावी घटनाक्रम उनके लिए यादगार रहेगा. उन्होंने 21 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है. जानते हैं प्रवीण निषाद के बारे में ये प्रमुख बातें.

1. प्रवीण निषाद के पिता डॉ. संजय कुमार निषाद राष्ट्रीय निषाद पार्टी के संस्थापक हैं. उन्होंने वर्ष 2013 में इस पार्टी की स्थापना की थी.
2. निषाद समाज पर अच्छी पकड़ रखने वाले संजय निषाद ने भी चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
3. प्रवीण निषाद चुनाव मैदान में उतरने से पहले अपने पिता की पार्टी में रह चुके हैं. वे इस पार्टी के प्रवक्ता थे.
4. राजनीति में अपने पिता की मदद करने के लिए ही उन्होंने नौकरी छोड़ी थी.
5. उन्होंने बी.टेक किया है. राजनीति में उतरने से पहले वे एक निजी कंपनी में प्रोडक्शन इंजीनियर की नौकरी भी कर चुके हैं.
6. राजनीति में आने के बाद प्रवीण निषाद लगातार सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं. इसी कारण गोरखपुर में उन्होंने खुद की पहचान बनाई.
7. गोरखपुर उपचुनाव की सुगबुगाहट के बाद उनके पिता ने सपा से तालमेल किया. निषाद समाज में पैठ के कारण प्रवीण को सपा ने टिकट दिया.
8. प्रवीण निषाद ने पिछले 29 वर्षों से भाजपा के गढ़ रहे गोरखपुर में जीत दर्ज की है.