नई दिल्‍ली: राजनीति में एक लंबा सफर गुजारते हुए बीजेपी के सीनियर नेता व मध्‍य प्रदेश के राज्‍यपाल लालजी टंडन का
आज यानि 21 जुलाई 2020 को लखनऊ में स्थिति मेदांता अस्पताल में निधन हो गया. वह 85 वर्ष के थे. यूपी के लखनऊ में पार्षद से शुरुआत करने वाले लालजी टंडन उत्‍तर प्रदेश विधानपरिषद में पार्टी के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, यूपी सरकार में मंत्री, लोकसभा में सांसद, और दो राज्‍यों मध्‍य प्रदेश व बिहार के राज्‍यपाल रहे हैं. Also Read - महाराष्ट्र में BJP को बड़ा झटका- एकनाथ खडसे ने छोड़ा पार्टी का साथ- NCP में होंगे शामिल?

टंडन मध्‍य प्रदेश के 22 वें गवर्नर के तौर पर नियुक्‍त थे और इसी पद पर रहते हुए वह बीमार होने के बाद अस्‍पताल में भर्ती हुए थे. बता दें कि लालजी टंडन 11 जून को मेदांता अस्पताल में भर्ती हुए थे. जांचों में पता लगा कि वह यकृत के रोग से ग्रसित थे. धीरे धीरे
उनके गुर्दे और यकृत ने काम करना बंद कर दिया था. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: तेजस्वी की चाल में उलझा जदयू, 77 सीटों पर सीधा मुकाबला

लालजी टंडन अपनी इस लंबी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत में राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ से शुरुआत में ही जुड़ गए थे और
पार्षद से लेकर विधानपरिषद सदस्‍य, विधायक, मंत्री, संसद से लेकर दो राज्‍यों बिहार और मध्‍य प्रदेश के राज्‍यपाल के पद पर
रहे. टंडन अपने जीवन में अलट बिहारी के संपर्क में शुरुआत में ही आ गए थे. उनकी राजनीतिक जिंदगी में बाजपेयी की बड़ी
भूमिका रही है. यहां उनकी जिंदगी के अहम पड़ावों पर नजर डालते हैं… Also Read - Bihar Opinion Poll: बिहार में किसकी बनेगी सरकार? जानिये क्या कहता है ओपिनियन पोल

1 – लालजी टंडन का जन्‍म 12 अप्रैल 1935 को लखनऊ के चौक गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम शिवनारायण टंडन
और मां का नाम अन्‍नपूर्णा देवी था.

2 – लालजी टंडन ने कालीचरण डिग्री कॉलेज से स्‍नातक किया. उनकी शादी 26 फरवरी 1958 को कृष्‍णा टंडन से शादी हुई.
उनके तीन बेटे हैं. लालजी टंडन का एक बेटा आशुतोष टंडन यूपी की योगी सरकार में मंत्री हैं.

3 – लालजी टंडन राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ से जुड़ते ही अटल बिहारी बाजपेयी के संपर्क में आ गए. वह बाजपेयी के बेहद
करीबी रहे. लालजी टंडन राजनीतिक सफर में दो बार पार्षद रहे. उन्‍होंने जेपी आंदोलन में भी सक्रिय भागीदारी निभाई थी.

4 – लालजी टंडन उत्‍तर प्रदेश विधान परिषद के दो बार 978–84 और 1990–96 में सदस्‍य रहे और परिषद में हाउस
ऑफ द अपोजीशन लीडर भी रहे

5 – 1996–2009 तक वह तीन बार एमएलए रहे और इस दौरान (2003–07) विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे.
लालजी टंडन कल्‍याण सिंह के मुख्‍यमंत्री कार्यकाल में मंत्री भी रहे और बीजेपी-बीएसपी सरकार में भी मंत्री रहे थे

6 – 2009 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के चुनावी राजनीति से दूर होने पर लालजी टंडन ने लखनऊ लोकसभा
सीट में बहुचर्चित मुकाबले में रीता बहुगुणा जोशी को 40,000 वोटों के अंतर से हराकर लोकसभा में पहुंचे थे. बसपा के
अखिलेश दास तीसरे स्थान पर रहे थे.

7 – लालजी टंडन को उत्‍तर प्रदेश में बीजेपी को मजबूत करने वाले शीर्ष नेताओं में से माना जाता है.

8- टंडन का अटल बिहारी बाजपेयी से बहुत करीबी रिश्‍ता रहा है. वह स्‍वयं कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने मेरे साथी, भाई
और पिता तीनों की भूमिका अदा की है.

9 लालजी टंडन को साल 2018 में बिहार के राज्यपाल बनाया गया था. वह यहां 23 अगस्‍त से 2018 से 28 जुलाई
2019 तक रहे.

10. बिहार के बाद टंन को मध्‍य प्रदेश का राज्‍यपाल बनाया गया था. अस्‍पताल में भर्ती होने से पहले वह इस पद पर थे.