लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान विभिन्न इलाकों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त—व्यस्त हो गया और मकान गिरने तथा अन्य वर्षाजनित हादसों में कई लोगों के मारे जाने की सूचना है. आंचलिक मौसम केन्द्र की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण-पश्चिमी मानसून पूरे प्रदेश में बेहद सक्रिय है और पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर स्थानों पर बारिश हुई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा भी हुई.

 

इस दौरान जौनपुर में सबसे ज्यादा 30 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गयी. इसके अलावा आजमगढ़ में 22, लालगंज में 19, ज्ञानपुर में 18, पट्टी और बर्डघाट में 14—14, हैदरगढ़, मुजफ्फरनगर, मोहम्मदाबाद और फतेहपुर में 13—13 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गयी. इसके अतिरिक्त डलमऊ में 12, मंझनपुर, सिराथू, फूलपुर और वाराणसी में 11—11, मुखलिसपुर तथा गाजीपुर में 10—10, बांदा, वाराणसी, राजघाट, अमेठी, रायबरेली और बनी में नौ—नौ सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गयी. इस वर्षा के कारण जनजीवन अस्त—व्यस्त हो गया. जगह—जगह जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गयी. भारी बारिश की वजह से राजधानी लखनऊ तथा आसपास के कई जिलों में स्कूल शनिवार को भी बंद रहे.

कच्चा मकान ढहने की घटनाओं में छह लोगों की मौत
इस बीच, आजमगढ़ और मिर्जापुर जिलों में शनिवार को बारिश के बीच कच्चे मकान ढहने की घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गयी. वहीं, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रतापगढ़ में बारिश के कारण हुए हादसों में 10 तथा बाराबंकी में चार लोगों के मरने की खबर है. मिर्जापुर से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक शहर के घंटाघर इलाके में तड़के बारिश के बीच सतीश कुमार नामक व्यक्ति का कच्चा मकान ढह गया और इस हादसे में सतीश (60), उनकी पत्नी माधुरी देवी (58) और बेटा किशन कुमार (24) मलबे में दब गए. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मलबे से तीनों को बाहर निकलवाया और अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया.