जीवित महिला को मृत बताकर निरस्त कर दिया राशन कार्ड, शिकायत करने के भी बाद नहीं हुआ समाधान

Written By: Ikramuddin Updated by: Ikramuddin Saifi
Updated Date:June 12, 2026 11:26 PM IST

पीड़िता विमला देवी (पत्नी राजेंद्र सिंह) ने बताया कि उनके पास अंत्योदय राशन कार्ड संख्या 215021010474 था, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण होता था. कुछ समय पहले खाद्य विभाग ने बिना किसी जांच या उचित कारण के उनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया था.

UP Shocking News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से सरकारी तंत्र की एक बेहद चौंकाने वाली और असंवेदनशील लापरवाही सामने आई है. बिथरी चैनपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम अनूप नगरिया गोपालपुर की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला को खाद्य विभाग ने कागजों में मृत घोषित कर दिया. महिला पूरी तरह जीवित हैं, लेकिन सरकारी अभिलेखों में उन्हें 'मृत' दर्ज किए जाने के कारण उनका अंत्योदय राशन कार्ड निरस्त हो चुका है. अब पीड़िता खुद के जिंदा होने का सबूत लेकर सरकारी दफ्तरों की चौखट पर न्याय की गुहार लगा रही हैं.

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तहसील दिवस में शिकायत के बाद बदला स्टेटस

पीड़िता विमला देवी (पत्नी राजेंद्र सिंह) ने बताया कि उनके पास अंत्योदय राशन कार्ड संख्या 215021010474 था, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण होता था. कुछ समय पहले खाद्य विभाग ने बिना किसी जांच या उचित कारण के उनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया था. कार्ड कटने की समस्या को लेकर उन्होंने तहसील दिवस में अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई थी और उम्मीद की थी कि उनका कार्ड दोबारा बहाल हो जाएगा. आरोप है कि इस शिकायत के बाद विभागीय पोर्टल पर उनकी समस्या का समाधान करने के बजाय, उन्हें ऑनलाइन रिकॉर्ड में मृत (Dead) दर्शा दिया गया. इस गलत प्रविष्टि के बाद राशन कार्ड की सूची से उनका नाम पूरी तरह गायब कर दिया गया.

सरकारी सुविधाओं से वंचित हुआ परिवार

विमला देवी का कहना है कि कागजों पर मृत घोषित होने के बाद से उनका मुफ्त राशन पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे परिवार के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है. राशन के साथ-साथ उन्हें अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलना भी बंद हो गया है. पीड़िता और उनके पति पिछले कई दिनों से अलग-अलग विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई भी अधिकारी उनकी सुनने को तैयार नहीं है. जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहारथक-हारकर विमला देवी ने अपने पति के साथ जिलाधिकारी (DM) कार्यालय पहुंचकर एक हैरान करने वाली लिखित शिकायत दर्ज कराई.

विभाग पर उठ रहे सवाल

उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उनके जिंदा होने के बावजूद उन्हें मृत दिखाने वाले दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए. साथ ही, उन्होंने विभागीय पोर्टल से मृत्यु संबंधी गलत प्रविष्टि को तुरंत हटवाने और अंत्योदय राशन कार्ड को बहाल कराने की मांग की है. इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. (इनपुट्स)

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