Lockdown in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर लॉकडाउन लगने जा रहा है. इस बार उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई से 13 जुलाई तक लॉकडाउन लागू होगा. 10 जुलाई रात 10 बजे से 13 जुलाई सुबह पांच बजे तक लॉकडाउन जारी रहेगा. इस लॉकडाउन के दौरान यातायात सेवाएं एक बार फिर बंद कर दी गई हैं. ट्रेनें चलेंगी. इसके साथ ही ज़रूरी सेवाएँ छोड़कर बाकी बाज़ार पूरी तरह से बंद रहेगा. Also Read - 55 Hours Weekend lockdown in UP: दो दिन तक रहेगा लॉकडाउन, बाहर जानें से पहले जान लें क्या हैं सप्ताहांत बंद के ये नए नियम

क्या खुलेगा, क्या रहेगा बंद
1. लॉकडाउन के दौरान सभी प्राइवेट-सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे. Also Read - Lockdown Unlock 3 In UP Update: कोरोना की रोकथाम के लिए राज्य में लॉकडाउन के नियमों में बदलाव, यहां जानें टीम 11 के फैसले की मुख्य बातें

2. ग्रामीण हाट, बाज़ार, गल्ला मंडी, व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे. Also Read - Lockdown in UP During Unlock 3: 31 अगस्त तक इस जिले में नहीं कर पाएंगे ये काम, जान लें नए नियम नहीं तो होगी परेशानी

3. चिकित्सकीय सेवाएँ पूरी तरह से जारी रहेंगीं. कोरोना वॉरियर्स पर किसी तरह का कहीं आने जाने के लिए प्रतिबंध नहीं होगा.

4. रेल सेवाएँ जारी रहेंगीं. रेल यात्रियों के आने जाने के लिए बसों की व्यवस्था सरकार द्वारा की जायेगी. इस तरह की बसों की छोड़कर यूपी रोडवेज की सभी बसें बंद रहेंगी.

5. हवाई सेवाएँ जारी रहेंगीं. हवाई अड्डों से आने-जाने वाले व्यक्तियों के लिए प्रतिबंध नहीं होगा.

6. लॉकडाउन के दौरान बड़े पैमाने पर सेनिटाईजेशन किया जायेगा.

7. ग्रामीण इलाकों में औद्योगिक कारखाने खुले रहेंगे. सोशल डिस्टेंसिंग के साथ काम होगा. शहरी इलाकों में निरंतर चालू रहने वाले औद्योगिक कारखानों को छोड़ बाकी सब बंद रहेंगे.

8. इस अवधि में आवश्यक सेवाओं से सम्बंधित कार्यालय इन प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगे. इन सेवाओं के कमर्चारियों का पहचान पत्र ही ड्यूटी पास माना जायेगा और इन्हें रोका नहीं जायेगा.

9. लॉकडाउन के दौरान निर्माण कार्य जैसे एक्सप्रेस वे, बड़े पुल, सड़कें, लोक निर्माण विभाग के बड़े निर्माण सरकारी भवन तथा इस तरह के निजी प्रोजेक्ट जारी रहेंगे.

बता दें कि उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का कहर बढ़ रहा है. यहाँ 31 हज़ार से अधिक मामले हो गए हैं. लगातार संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है. 845 लोगों की जान गई है. सक्रिय मामले करीब 10 हज़ार हैं, जबकि 20 हज़ार लोग ठीक हुए हैं.