लखनऊ: देश के कई राज्यों में कोरोना एक बार फिर से अपना सिर उठा रहा है. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना के दूसरे लहर से निपटने के लिए गाइडलाइंस के बाद अब राज्य को लॉकडाउन से बचाने के लिए प्रशासन द्वारा एहतियाती कदम उठाए जाने लगे हैं. यूपी में जिन जगहों पर कोरोना संक्रमण के अधिक मामले हैं, एक बार फिर उन क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन में परिवर्तित किया जा रहा है. साथ ही संक्रमण वाले क्षेत्रों में मिजिस्ट्रेट की बहाली शुरू कर दी गई है. यूपी में लोगों पर नजर रखने के लिए 4 अलग अलग टीमें बनाई गई हैं, जो भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी करेंगी.Also Read - सऊदी अरब में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले, भारत समेत इन देशों में यात्रा करने पर लगा प्रतिबंध

वहीं दूसरी लहर के मद्देनजर गोरखपुर के कमिश्नर जयंत नार्लीकर ने टेस्टिंग की संख्या को बढ़ाने के आदेश दिए हैं. साथ ही कोरोना अस्पतालों को भी अलर्ट रहने का आदेश दिया जा चुका है. जयंत नार्लीकर ने बताया कि पुन: पहले जैसी स्थिति न हो जाए, इस कारण सभी को अलर्ट रहने की जरूरत है. साथ ही टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों को नियंत्रित करने की भी आवश्यकता है. देश में प्रमुख त्योहार बीत चुके हैं, लेकिन अब शादियों का सीजन शुरू हो रहा है. ऐसे में जरूरी एहतियाती कदम उठाने जरूरी हैं. Also Read - महिला आशा स्वयंसवकों को WHO ने किया सम्मानित, पीएम नरेंद्र मोदी बोले- आपका समर्पण सराहनीय है

बता दें कि यूपी में सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी अंकुश लगाने की तैयारी की जा रही है, यूपी में शादी समारोहों में 100 से अधिक लोगों के इक्ट्ठे होने की अनुमति नहीं है वहीं इस दौरान डीजे इत्यादि चीजों के इस्तेमाल की भी मनाही है. वहीं प्रशासन द्वारा सिर्फ जरूरी आयोजनों को ही अनुमति दिए जाने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन गैर जरूरी कार्यक्रमों की अनुमति पर रोक लगाए जाने की तैयारी है. Also Read - देश में ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट BA.4 और BA.5 की सरकार ने की पुष्टि, तमिलनाडु और तेलंगाना में मिले मरीज