नई दिल्ली: 2019 के लोकसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम समय बचा है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अब चुनावी मैदान में उतर आए हैं. फिलहाल बीजेपी और पीएम मोदी का फोकस लोकसभा चुनाव के लिहाज से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश पर है. यहां लोकसभा की 80 सीटें हैं. यूपी में 2014 में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली बीजेपी उसी करिश्मे को फिर दोहराना चाहती है. लेकिन इस बार ऐसा कर पाना उसके लिए असान नहीं है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जुलाई को मुलायम सिंह यादव के लोकसभा क्षेत्र आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास करेंगे. यह एक्सप्रेसवे लखनऊ को गाजीपुर से जोड़ेगा. पीएम मोदी यहां एक रैली को भी संबोधित करेंगे. इसके बाद वह अपने लोकसभा क्षेत्र में जाएंगे.

14 जुलाई को ही पीएम मोदी बनारस में भी रैली को संबोधित करेंगे. अपनी बनारस यात्रा के दौरान पीएम मोदी भाभा कैंसर हॉस्पिटल की आधारशिला रखेंगे. पीएम नमामी गंगे के तहत चल रहे गंगा के घाटों के निर्माण कार्य की समीक्षा भी करेंगे.

पीएम मोदी 15 जुलाई को मिर्जापुर में होंगे. ग्राम स्वराज कैंपेन और वनसागर प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे. 21 जुलाई को पीएम मोदी शाहजहांपुर किसान कल्याण रैली में किसानों को संबोधित करेंगे. पीएम रैली में केंद्र सरकार की ओर से किसानों के कल्याण के लिए किए जा रहे कामों की जानकारी देंगे.

वहीं 29 जुलाई को पीएम मोदी मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन डेवलपमेंट के एक कार्यक्रम में लखनऊ में मुख्य अतिथि होंगे. इन कार्यक्रमों के अलावा पीएम मोदी यूपी में दो और कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे. इसकी तैयारी जोरों पर चल रही है.

अखिलेश यादव और मायावती के साथ आने से बीजेपी के लिए उत्तर प्रदेश की राह कठिन हो गई है. यही कारण है कि पार्टी इस गठबंधन को हल्के में लेने के मूड में बिल्कुल नहीं है. इसलिए अभी से बीजेपी 2014 के लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को दोहराने के लिए पीएम मोदी को मैदान में उतार रही है.