नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सपा-बसपा और आरएलडी गठबंधन को बीजेपी ने बड़ा झटका दिया है. उत्‍तर प्रदेश में बीते साल हुए उपचुनाव में गोरखपुर सीट पर कब्जा करने वाली निषाद पार्टी का भाजपा से हाथ मिला लिया है. चर्चा है कि भाजपा निषाद पार्टी से सांसद प्रवीण निषाद को गोरखपुर से टिकट दे सकती है. आज सुबह प्रवीण निषाद ने दिल्‍ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की.

 

बता दें कि प्रवीण निषाद गोरखपुर से पिछले उपचुनाव में विजयी हुए थे, जब उन्होंने भाजपा के खिलाफ सपा और बसपा से हाथ मिला लिया था. प्रवीण निषाद के पिता संजय निषाद, निषाद पार्टी के प्रमुख हैं. पिछले उपचुनाव में वे सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे. हालांकि, बाद में संजय निषाद और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच मतभेद की खबरें सामने आई, क्योंकि सपा उन्हें अपने चिन्ह पर चुनाव लड़ाना चाहती थी, जबकि वे निषाद पार्टी के चिन्ह पर चुनाव लड़ना चाहते थे.

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भाजपा ने अभी तक गोरखपुर सीट से अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं किया है जो उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ माना जाता है. बता दें कि पिछले साल हुए उपचुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ के गढ़ में सपा-बसपा-निषाद पार्टी ने गठबंधन कर बीजेपी को हराया था. इस सीट पर सीएम योगी लंबे समय तक सांसद रहे थे.

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तेलंगाना से कांग्रेस के पूर्व सांसद ने भी थामा भगवा झंडा
इसके अलावा गुरुवार को तेलंगाना से कांग्रेस के पूर्व सांसद आनंद भास्कर रापोलू भी भाजपा में शामिल हो गए. इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने कहा कि दोनों नेताओं का अपने इलाकों में काफी प्रभाव है और ये मोदी सरकार की नीतियों में भरोसा होने के कारण भाजपा में शामिल हुए हैं. बता दें कि कांग्रेस के पूर्व सांसद आनंद भास्कर रापोलू तेलंगाना आंदोलन से जुड़े रहे और उन्होंने पिछले महीने कांग्रेस छोड़ी थी.

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