नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के गठबंधन के बाद अलग पड़ी कांग्रेस ने अकेले दम पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है और इसकी बड़े पैमाने पर तैयारी भी शुरू कर दी है. इसके लिए कांग्रेस पदाधिकारियों ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया है. राहुल गांधी उत्तर प्रदेश प्रदेश में एक साथ 13 रैलियां करने जा रहे हैं. इस बारे में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी अजाद ने जानकारी भी दी है. इसी के बाद से राहुल गांधी की रैलियों का खाका तैयार किया जा रहा है. फरवरी के पहले हफ्ते में राहुल की रैली की शुरुआत राजधानी लखनऊ से होगी. कांग्रेस ने रैली में भीड़ जुटाने के लिए अन्य राज्यों के बड़े चेहरों को भी जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है.

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राहुल की रैली गोरखपुर मंडल के कुशीनगर में फरवरी के दूसरे सप्ताह में होगी. रैली से पूर्व कुछ क्षेत्रों में राहुल गांधी का रोड शो भी होगा. इसके अलावा मुरादाबाद, आगरा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत कई अन्य मंडलों में भी राहुल की रैली होगी. मुरादाबाद कांग्रेस के जिला अध्यक्ष डॉ. एपी सिंह ने बताया कि राहुल गांधी प्रदेश में एक दर्जन रैलियां करेंगे. इनमें से एक रैली छह या सात फरवरी को मुरादाबाद में प्रस्तावित है. मुरादाबाद में प्रस्तावित रैली में मंडल के जिलों बिजनौर, अमरोहा, संभल, रामपुर से भीड़ जुटाने की तैयारी है. जिसमें करीब पांच लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई गई है.

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पार्टी के वरिष्ठ नेता दिल्ली में इसकी तैयारी कर रहे हैं. मध्य जोन की बैठक लखनऊ में हो चुकी है. पूर्वी उत्तर प्रदेश की बैठक 16 जनवरी को होगी. कांग्रेस के प्रवक्ता के अनुसार राहुल गांधी प्रदेश के सभी लोकसभा क्षेत्रों में जाकर प्रचार करेंगे. इन रैलियों में सारा फोकस किसानों पर होगा. राहुल किसानों की खराब हालत का मुद्दा उठा कर मोदी सरकार पर निशाना साधेंगे.

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गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि उनकी पार्टी ‘पूरी क्षमता’ के साथ राज्य में चुनाव लड़ेगी और अपनी विचारधारा पर अडिग रहेगी. सपा-बसपा में गठबंधन के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि बसपा और सपा को गठबंधन करने का पूरा हक है. मैं सोचता हूं कि कांग्रेस पार्टी के पास उत्तर प्रदेश के लोगों को पेशकश करने के लिए काफी कुछ है, इसलिए हम कांग्रेस पार्टी के तौर पर यथासंभव प्रयास करेंगे. हम अपनी विचारधारा के प्रसार के लिए पूरी क्षमता के साथ लड़ेंगे. उन्होंने कहा था कि बसपा और सपा ने राजनीतिक निर्णय लिया है. अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम कैसे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को मजबूत करते हैं. हम पूरी क्षमता के साथ लड़ेंगे.

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कभी एक दूसरे की कट्टर विरोधी रही समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में आपस में गठबंधन करने की शनिवार को घोषणा की. उन्होंने कांग्रेस को गठबंधन से दूर रखा है. बसपा और सपा उत्तर प्रदेश में 38 -38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. हालांकि बसपा और सपा ने कहा कि वे अमेठी और रायबरेली में उम्मीदवार नहीं उतारेंगी. अमेठी का प्रतिनिधित्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और रायबरेली का प्रतिनिधित्व संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी कर रही हैं.

(इनपुट-आईएएनएस)