लखनऊ: यूपी में सपा, बसपा, कांग्रेस और आरएलडी के बीच संभावित गठबंधन से मुकाबला करने के लिए बीजेपी ने खास प्‍लान बनाया है. इसके तहत बीजेपी सबसे पहले पिछड़ी जातियों को साध रही है. राजधानी में बीते एक सप्‍ताह से पिछड़ा वर्ग सम्‍मेलन हुआ, जिसमें हर दिन वर्ग विशेष के नाम रहा. बीजेपी के इस प्‍लान से पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को लुभाने में काफी मदद मिल सकती है. साथ ही यूपी सरकार सम्‍मेलन में हर जाति से जुड़े प्रमुख चेहरे के नाम से घोषणाएं कर तोहफे दे रही है.

बता दें कि अगस्त के दूसरे सप्ताह के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी के ओबीसी मोर्चा के बैनर के तहत लखनऊ के विश्वेश्वरा ऑडिटोरियम में विभिन्न एमबीसी की सामुदायिक सभा आयोजित कर रही है. अब तक, पार्टी ने प्रजापति (7 अगस्त), राजभर (8 अगस्त) और नाई, सविता, ठाकुर और सेन समुदायों (9 अगस्त) के प्रतिनिधियों को बीजेपी सरकार द्वारा किए गए कार्यों के बारे में जागरूक करने के लिए आमंत्रित किया था. प्रदेश के उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को इस पूरे आयोजन की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है. सम्‍मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभाओं को संबोधित किया था.

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यूपी के हर जिले में बनेगी कर्पूरी ठाकुर के नाम से एक सड़क
बीजेपी के इस मिशन के तहत सीएम आदित्यनाथ ने बहराइच जिले में राजा सुहेलदेव के नाम पर एक भव्य स्मारक विकसित करने की अपनी योजना के बारे में राजभर समुदाय को बताया. वहीं डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने नाई, ठाकुर, सविता और सेन के सदस्यों को संबोधित करते हुए प्रदेश के हर जिले में एक सड़क का नाम बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के नाम पर किए जाने की घोषणा की है.

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24 व 25 अगस्‍त को भी होगा सम्‍मेलन
बता दें कि बीजेपी की ओबीसी मोर्चा की ओर से 24 अगस्त को निषाद, कश्यप, बिंद, केवट और कोहार जातियों की एक सभा आयोजित करने की तैयारी हो रही है, जबकि 25 अगस्त को भूरजी, भद्रुजा, कंदू और कसूषण जातियों के प्रतिनिधियों को लखनऊ में होने वाली वाली सभा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा.

सपा, बसपा से आए नेताओं से विपक्षी खेमे में सेंध लगाने की तैयारी
आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा का सामाजिक जनाधार बढ़ाने में सपा, बसपा आदि दलों से आए नेताओं की अहम भूमिका रहेगी. क्‍योंकि यूपी में यह नेता प्रभावी भूमिका में रहेंगे. यहां पिछड़ा व दलित समीकरण काफी महत्वपूर्ण हैं. भाजपा इन नेताओं के जरिए विपक्षी खेमे में और सेंध लगाएगी. ऐसे में पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति मोर्चा कमान संभालने में जुट गए हैं.