लखनऊ: लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर विपक्षी दलों के महागठबंधन की योजना को बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा झटका दिया है. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मध्य प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है. बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामजी गौतम ने भोपाल में ‘महागठबंधन’ को झटका देते हुए इसका ऐलान किया है. यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी घोषणा का मतलब महागठबंधन की बातचीत का अंत है, गौतम ने कहा कि वह बसपा सुप्रीमो मायावती के आदेशों का पालन कर रहे हैं.

बता दें कि मायावती ने मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान भी किसी के साथ गठबंधन नहीं किया था और अकेले चुनाव लड़ा था. जिसमें बसपा को दो सीटों पर जीत मिली. वहीं वोट प्रतिशत के मामले में मध्‍यप्रदेश में बसपा चौथे नंबर की पार्टी रही. हालांकि विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद बसपा ने कांग्रेस को अपना समर्थन दिया था. उस समय बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा था कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए उनकी पार्टी राजस्थान और मध्य प्रदेश में सरकार बनाने में कांग्रेस को समर्थन दे रही है.

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महागठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुई थीं मायावती
बता दें कि पिछले कुछ समय से महागठबंधन को लेकर कोशिशें चल रही हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी और आंध्रप्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने महागठबंधन की एक बैठक दिल्‍ली में बुलाई थी, लेकिन इसमें मायावती शामिल नहीं हुई थीं.