लखनऊ: लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर अभी से भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. मौजूदा समय बीजेपी के खिलाफ जहां समूचा विपक्ष एक साथ खड़ा है, वहीं बीजेपी की सहयोगी पार्टियां आंख तरेर रहीं हैं. बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी शिवसेना यूपी में लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान सभी 80 सीटों पर अपना उम्‍मीदवार खड़ा करेगी. इसको लेकर लखनऊ में हुई शिवसेना की प्रदेश कार्यसमिति मुहर लग गई है. चर्चा है कि सभी सीटों पर उम्‍मीदवारों के नाम शिवसेना प्रमुख के पास भेजे गए हैं.

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उत्तर प्रदेश शिवसेना कार्य समिति की बैठक शनिवार को प्रदेश कार्यालय लखनऊ में हुई. शिवसेना राज्य प्रमुख ठाकुर अनिल सिंह की अध्यक्षता में कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें पार्टी ने वर्ष 2019 में सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया. बैठक में यह तय हुआ कि उप्र शिवसेना में भारतीय जनता पार्टी से किसी भी प्रकार का गठबंधन नहीं होगा और शिवसेना अपने दम पर चुनाव लड़ेगी. इसके साथ चुनाव कोर कमेटी का गठन कर राष्ट्रीय नेतृत्व को भेज दिया गया है. प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है.

डिप्‍टी सीएम माता सीता को बता रहे ‘टेस्ट-ट्यूब बेबी’
ठाकुर अनिल सिंह ने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी हिंदुओं से छलावा कर रही है और जनता से किए गए वादों को भी भूल गई है. उन्‍होंने कहा कि जो पार्टी प्रभु रामलला के नाम पर आज देश और पूरे प्रदेश में सत्ता का सुख भोग रही है, वह इतने निचले स्तर पर गिर गई है कि भाजपा के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा प्रभु रामलला की पत्नी सीता को ‘टेस्ट-ट्यूब बेबी’ बताकर, उन पर अमर्यादित टिप्पणी कर पूरे देश में हिंदू विरोधी होने का संकेत दे रही है. इस बैठक में शिवसेना के राज्य उपप्रमुख अंशुमान यादव, ओ.पी. शर्मा, अभय द्विवेदी, प्रदेश सचिव मुकेश चौहान, अजय सिंह, ध्रुव यादव, रणविजय सिंह, मीडिया प्रभारी मनोज परिहार, लखनऊ जिला प्रमुख विश्वजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.