लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) भाजपा से गठबंधन जारी रखने या नहीं रखने को लेकर आगामी 27 अक्टूबर को फैसला ले सकती है.Also Read - Winter Session of Parliament Live Updates: चौथे दिन भी हंगामा और नारेबाजी, विपक्षी नेताओं ने राज्सभा से वॉकआउट किया

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सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष औरर राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अगर भाजपा 27 अक्टूबर तक पिछड़े वर्ग के लिए कोटे में कोटा को लेकर फैसला नहीं लेती है तो उनका दल लखनऊ में आयोजित होने वाली रैली में भाजपा से गठबंधन जारी रखने या ना रखने को लेकर फैसला करेगी. उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने लोकसभा चुनाव 2019 के छह माह पहले पिछड़े वर्ग के आरक्षण में वर्गीकरण को लागू करने का भरोसा दिलाया था. इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सदन में इसको लेकर घोषणा कर चुके हैं.

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जनता ने भाजपा को राम मंदिर के नाम पर वोट दिया

राजभर ने कहा कि अगर जनता का अभिमत भाजपा से गठबंधन को तोड़ने के पक्ष में रहा तो वह रैली में इसको लेकर फैसला कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछड़े वर्ग के आरक्षण के वर्गीकरण को लेकर फैसला नहीं किया तो उसे आगामी चुनाव में अंजाम भुगतना पड़ेगा. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि जनता ने भाजपा को राम मंदिर के नाम पर वोट दिया था लेकिन भगवान राम अब भी तिरपाल के नीचे ही विराजमान हैं.