लखनऊ: लविवि में शिक्षकों की पिटाई मामले का हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए कल यानि शुक्रवार को एलयू वीसी, एलयू प्रॉक्टर, डीजीपी और एसएसपी लखनऊ को अदालत में तलब किया है. अपर महाधिवक्ता विनोद शाही ने जानकारी देते हुए बताया कि हाईकोर्ट ने 6 जुलाई को इन पदाधिकारियों को कोर्ट में पेश होने का फरमान सुनाया है. Also Read - जम्मू-कश्मीर में नए आतंकियों का जीवन काल अब सिर्फ 1 से 90 दिन: डीजीपी

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लखनऊ विश्वविद्यालय का चौकी इंचार्ज निलंबित Also Read - यूपी में 9 जिलों के पुलिस कप्तानों समेत 14 IPS अधिकारियों का हुआ तबादला, जानें किसकी कहां हुई नियुक्ति

हाईकोर्ट में पेशी से जाने से पहले डीजीपी ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सीओ महानगर को राजधानी लखनऊ से स्थानांतरित कर दिया. सीओ महानगर के गैर जनपद तबादले के  साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय के चौकी इंचार्ज को मामले में लापरवाही बरतने के चलते सस्पेंड कर दिया. डीजीपी ने लखनऊ रेंज के आईजी को इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं. एलयू वीसी और प्रॉक्टर ने भी गुरूवार को डीजीपी से मुलाक़ात कर मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए विश्व विद्यालय का पक्ष रखा.

हाईकोर्ट ने मामले लिया स्वत: संज्ञान

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए जस्टिस विक्रम नाथ व जस्टिस राजेश सिंह चौहान की पीठ ने कहा कि विश्विद्यालय परिसर में शिक्षकों पर जो हमला हुआ वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. इस तरह के मामलों में पुलिस को अलर्ट रहना चाहिए. पूरे वाकये पर नाराजगी जाहिर करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि शुक्रवार को यूपी के डीजीपी, लखनऊ के एसएसपी, लखनऊ यूनिवर्सिटी के वीसी, प्रॉक्टर और रजिस्ट्रार कोर्ट में हाजिर होकर जवाब दें.

लखनऊ विश्वविद्यालय में आम सभा का आयोजन

लखनऊ विश्व विद्यालय में हुए बवाल मामले में वीसी पर हुए हमले को लेकर आम सभा का आयोजन किया गया. इस आम सभा में वीसी के साथ शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया. शिक्षक संघ ने बुधवार को हुए घटनाक्रम के विरोध में आरोपियों पर कार्रवाई होने तक कार्य बहिष्कार का एलान किया. इसी के साथ शिक्षक संघ ने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा से मिलकर उनके समक्ष अपनी मांगें रखने की भी घोषणा की.

एलयू शिक्षकों पर हमला: विश्वविद्यालय अनिश्चितकाल के लिए बंद, काउंसिलिंग पर भी रोक

हमलावरों ने खुद को सपा कार्यकर्ता बताया

गौरतलब है कि बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में असामाजिक तत्वों ने वीसी समेत शिक्षकों पर हमला बोल दिया था जिसके बाद परिसर में मारपीट हुई थी. इस हमले में दर्जन भर से अधिक शिक्षक व छात्र घायल हो गए थे. हमलावर खुद को सपा कार्यकर्ता बता रहे थे. घटना के बाद एलयू प्रशासन ने विश्वविद्यालय अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है. साथ ही विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए चल रही काउंसिलिंग को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है.

विश्‍वविद्यालय के कुलपति एसपी सिंह ने आज डीजीपी से भी मुलाक़ात कर अपना पक्ष और मांगें रखी. वीसी के मुताबिक़ इस बवाल में दर्जन भर से अधिक शिक्षक घायल हुए हैं. वो भी इस हमले में बाल-बाल बचे. उनका कहना है कि घटना को अंजाम देने वाले एलयू के छात्र नहीं थे बल्कि असामाजिक तत्व थे. वे खुद को सपा कार्यकर्ता बता रहे थे. हमलावरों की संख्या 25 से 30 के बीच थी. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है. प्रवेश के लिए चल रही काउंसिलिंग को भी रोक दिया गया है. मामले में एफआईआर कराई गई है.

शिक्षकों ने कार्य बहिष्कार का किया एलान

बुधवार को हुए बवाल के मद्देनजर शिक्षकों की आम सभा में लुआक्टा में पदाधिकारियों  समेत शिक्षक संघ ने कार्य बहिष्कार का एलान किया है, पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती वे कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे साथ ही उनकी पुलिस प्रशासन पर भी कार्रवाई की मांग है. उनका कहना कि वो इस मामले में उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा से मुलाक़ात कर अपना पक्ष रखेंगे. अन्य शिक्षण संस्थानों ने एलयू शिक्षकों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है.