लखनऊ: उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं. भ्रष्टाचार के आरोप से जूझ रही योगी सरकार द्वारा कराई गई 68, 500 शिक्षक भर्ती में नियुक्तियों को लेकर हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं. इसी बीच आज इस भर्ती के तहत कट ऑफ लिस्ट से बाहर किए जाने को लेकर लखनऊ में विधानसभा भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और पुलिस में झड़प हो गई. पुलिस ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों पर लाठी चार्ज कर दिया. इससे कई अभ्यर्थियों के सिर फूट गए. कई महिला अभ्यर्थी भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं. Also Read - महादेव की भक्ति में तल्लीन हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, किया दुग्धाभिषेक, जानें क्या है वजह

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बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी वर्ष 68, 500 शिक्षक भर्ती की थी. प्राइमरी स्कूल के लिए की गई भर्ती सवालों के घेरे में आ गई है. नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के चलते कई अधिकारी और सरकार घेरे में हैं.  इस मामले में अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. आज भी कट ऑफ़ लिस्ट से बाहर किए गए अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया. अनियमित तरीके से कट ऑफ़ लिस्ट से बाहर किए जाने की बात कह रहे अभ्यर्थियों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया. लड़कियों, महिलाओं सहित बड़ी संख्या में सड़क पर उतरे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. पुलिस ने अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज कर दिया. इससे कई अभ्यर्थियों के सिर में चोट आई है. कई महिलाओं के भी सिर फूटे हैं. कई को पुलिस ने हिरासत में लिया है. अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती के तहत नौकरी की मांग कर रहे थे.

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सीबीआई को 26 नवम्‍बर को स्‍टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा

बता दें कि हाईकोर्ट ने प्राइमरी स्‍कूलों में सहायक अध्‍यापकों के 68, 500 खाली पदों के सापेक्ष की गई भर्ती की प्रक्रिया की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं. ये भर्ती इस साल 23 जनवरी को विज्ञापन जारी कर शुरू की गई थी. हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिए कि इस भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी साबित होने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सक्षम प्राधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जानी चाहिए. कोर्ट ने सीबीआई को इस मामले में अपनी प्रगति रिपोर्ट 26 नवम्‍बर को पेश करने के आदेश देने के साथ-साथ मामले की जांच छह माह में पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं.