लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां गुरुवार को गोमती में विसर्जित कर दी गईं. इसके बाद शुक्रवार को भाजपा राज्य मुख्यालय में वाजपेयी की अस्थि कलशों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने विसर्जन के लिए 16 मंडलों के लिए रवाना किया. योगी सरकार के एक मंत्री और यूपी भाजपा के एक प्रभारी अस्थि कलश के साथ रहेंगे. वहीं, विसर्जन के दौरान भी कई नेता मौजूद रहेंगे.

 

इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि प्रदेश के 16 अलग-अलग स्थानों की प्रमुख नदियों में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि लखनऊ से गोरखपुर राजघाट राप्ती नदी तक अस्थि कलश को राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद व प्रदेश मंत्री कामेश्वर सिंह अपने साथ लेकर जाएंगे. अस्थि कलश 25 अगस्त को गोरखपुर पहुंचेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम होगा, जिसमें काबीना मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य भी उपस्थित रहेंगे. अटलजी की अस्थियां शुक्रवार को अयोध्या में सरयू नदी, कानपुर के बिठूर और बलरामपुर में प्रवाहित की जाएंगी.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के बाद यूपी विधानसभा 27 अगस्त तक स्थगित

सुबह पार्टी कार्यालय से रवाना
इसके अलावा कानपुर और रायबरेली में गंगा नदी में, गोंडा, बहराइच, सीतापुर और बाराबंकी में घाघरा नदी में, सुल्तानपुर में गोमती नदी समेत अन्य जिलों की नदियों में ये अस्थियां विसर्जित की जाएंगी. इसके लिए जनपदों में भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सभी जनपदों में अस्थि कलश यात्रा निकालकर नदियों में अटलजी की अस्थियां विसर्जित की जाएंगी. गौरतलब है कि भाजपा ने उप्र के 16 मंडलों में पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियों का विसर्जन सभी प्रमुख नदियों मे करने का कार्यक्रम बनाया गया है. इसके लिए शुक्रवार सुबह पार्टी कार्यालय से अस्थियां विभिन्न मंडलों के लिए रवाना की गईं.