लखनऊ: भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर को रविवार की शाम यहां के दलीबाग इलाके में स्थित राजकीय अतिथि निवास में नजरबंद किया गया. चंद्रशेखर घंटाघर चौक पर सीएए के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे. अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त चिरंजीव नाथ सिन्हा ने हालांकि इस बात से इनकार किया कि भीम आर्मी प्रमुख को हिरासत में लिया गया है. Also Read - Goggle Mask: कोरोना को देने मात, लखनऊ दंपति ने बनाया 'गॉगल मास्क'

पुलिस अधिकारी ने कहा, “जब हमें गेस्ट हाउस में उनकी मौजूदगी का पता चला, तब वहां अतिरिक्त बलों को भेजा गया. हो सकता है, वह अपने संगठन की बैठकों के सिलसिले में आए हों.” भीम आर्मी के मीडिया प्रभारी अनुराग ने बताया कि चंद्रशेखर को नजरबंद किया गया है और उन्हें सीएए विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है. Also Read - यूपी: लखनऊ में राजनाथ सिंह की गुमशुदी के पोस्टर लगाए, सपा के 2 कार्यकर्ता अरेस्ट

चंद्रशेखर इन दिनों सीएए विरोधी प्रदर्शनों का समर्थन करने के लिए देशभर में घूम रहे हैं. उन्हें इससे पहले, दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. Also Read - यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए जेल

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण रविवार शाम को लखनऊ में थे वह यहां अपने संगठन को मजबूत करने आये है. रावण ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि “मैं यहां अपने संगठन को मजबूत करने और उनकी परेशानियों को दूर करने आया हूं . इसके साथ ही उप्र में सीएए, एनपीआर और एनआरसी के आंदोलन को कैसे करना है इसे लेकर रणनीति बनाने आया हूं.” उनसे जब पूछा गया कि क्या आपको सरकारी गेस्ट हाउस से बाहर निकलने से रोका गया है तो इस पर उन्होंने कहा, ‘मुझे जानकारी नहीं है लेकिन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. मुझे उम्मीद है कि हमें नजरबंद किया गया है. बाकी आप लखनऊ पुलिस से इस बारे में जानकारी हासिल कर लें.’

दिल्ली हिंसा पर रावण ने कहा कि यह प्रायोजित है और बहुत ही दुखद है. उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली में तीन दिन तक हिंसा जारी रही और गृह मंत्री वहां थे . उनके पास इतनी ताकत है कि वह एक घंटे में इसे रोक सकते है लेकिन हिंसा को रोका नहीं गया. मुझे दुख है दिल्ली में जो हुआ उससे पूरे देश का अमन और भाईचारा टूटा, हम प्रयास करेंगे सभी लोगो से अपील करेंगे कि अमन और शांति बना कर रखें.’’ एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ‘उन्हें (रावण) को नजरबंद नही किया गया, हमें जानकारी मिली थी कि वह शहर में है तो हम यहां शांति-व्यवस्था बनाये रखने के लिये हैं.’ पुलिस अधिकारी से पूछा गया कि क्या उन्हें (रावण को) घंटाघर (जहां महिलायें नागरिकता कानून के विरोध में धरना दे रही हैं) जाने की इजाजत है, इस पर पुलिस ने कहा कि उनके कही जाने पर कोई रोक नहीं है वह कहीं भी जा सकते है.

(इनपुट ऐजेंसी)