लखनऊ: मायावती द्वारा लगवाई गईं अपनी ही मूर्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणी के बाद बीजेपी बसपा प्रमुख से लेकर अखिलेश यादव पर भी हमलावर हो गई है. भाजपा ने मायावती और उनकी पार्टी बसपा के चुनाव चिह्न हाथी की मूर्तियां लगवाने पर आया खर्च सरकारी खजाने को लौटाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद कहा कि मायावती ने सरकारी धन का दुरुपयोग किया है और उनका गरीबों-दलितों से कोई सरोकार नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मायावती ने जनता का पैसा मूर्तियों में खर्च किया, तुरंत लौटाएं

यूपी के भाजपा प्रवक्ता चंद्रमोहन ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से स्पष्ट हो गया है कि बसपा की सरकार का जन कल्याण, गरीबों और दलितों से कोई सरोकार नहीं था. मायावती ने सरकारी धन का दुरुपयोग कर मूर्तियां लगवाईं.’ उन्होंने कहा कि मूर्तियों में खर्च हुए धन को जमा कराने का काम अब बुआ-बबुआ (मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव) मिलकर करें.

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चंद्रमोहन ने कहा कि मायावती अपनी मूर्ति इसलिए लगा रही थीं क्योंकि वह ‘आत्ममुग्धता’ की शिकार थीं. उन्होंने कहा, ‘मायावती को पता था कि उन्हें कोई याद नहीं रखेगा इसलिए अपनी मूर्तियां लगवाईं.’ उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने एक अधिवक्ता की याचिका पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि ‘हमारी राय है कि मायावती को अपनी और अपनी पार्टी के चुनाव चिह्न की मूर्तियां बनवाने पर खर्च हुआ सार्वजनिक धन सरकारी खजाने में वापस जमा करना होगा.’