लखनऊ: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज गोमती नदी का सफाई अभियान शुरू किया है. सुबह आठ बजे ही लखनऊ में गोमती नदी पर बने बैराज घाट से इस अभियान की शुरूआत की गई. हाथों में झाड़ू फावड़ा लेकर सीएम योगी ने सफाई की शुरूआत की. उनके साथ विधायकों व कई उद्योगपतियों ने भी नदी के सफाई अभियान में हिस्सा लिया. Also Read - मामूली घरेलू विवाद में पिता को आया इतना गुस्सा कि दोस्त के साथ तीन बेटियों को नदी के पास ले जाकर....! तलाश जारी

Also Read - Noida: गार्मेंट कंपनी में लगी भीषण आग, एक दर्जन दमकल गाड़ियों को घंटों करनी पड़ी मशक्कत

योगी सरकार ने गोमती रिवर फ्रंट को सजानेे-संवारने का जिम्‍मा एलडीए को सौंपा, खर्च होंगे 27 करोड़ Also Read - 12 साल की बच्‍ची ने बचत के पैसों से प्रवासी मजदूरों को फ्लाइट से झारखंड भेजने का किया इंतजाम

बता दें कि लखनऊ में शहर के बीचों-बीच से निकली गोमती नदी बुरे हाल में है. गोमती नदी पर शानदार रिवर फ्रंट बना है. लोग यहां घूमने-फिरने आते हैं. शाम में यहां की रौनक बढ़ जाती है. लेकिन दूसरे हिस्सों को देखें तो नदी का बुरा हाल है. नदी कई जगहों पर नाला नजर आती है. प्रदूषण ने नदी का बुरा कर दिया है. इसी क्रम में नदी का सफाई अभियान चलाया जा रहा है. इसकी शुरुआत आज सीएम योगी ने की है. गऊ घाट से 1090 चौराहे तक अभियान चलाया जा रहा है.

बीजेपी सरकार के ये मंत्री रहे मौजूद

सीएम योगी के साथ ही सफाई अभियान के दौरान कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक, स्वाती सिंह, रीता बहुगुणा जोशी, आशुतोष टंडन, सुरेश तिवारी, डॉ. नीरज बोरा आदि मौजूद रहे. इस दौरान सीएम के साथ ही बीजेपी के कई विधायक, व्यापारी भी शामिल हुए. इसके साथ ही सफाई के लिए आम लोगों भी उमड़े. बड़ी संख्या में लोगों ने गोमती की सफाई के लिए अभियान में हिस्सा लिया.

गोमती रिवर फ्रंट को संवारने की हो रही तैयारी

बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ही गोमती रिवर फ्रंट को सजाने-संवारने का जिम्मा लखनऊ विकास प्राधिकरण को दे दिया है. इस पर लगभग 27 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार के दौरान गोमती रिवर फ्रंट के निर्माण की कवायद शुरू की गई थी. इस पर पूर्ववर्ती सरकार की ओर से काफी पैसा भी खर्च किया गया था लेकिन सरकार बदलने के बाद रिवर फ्रंट जांच के घेरे में आ गया था. अब एक वर्ष बीत जाने के बाद फिर से इस पर काम शुरू हो रहा है.