लखनऊ अग्निकांड: 'पापा... प्लीज बचा लो...', आग की लपटों में गूंजी मासूमों की चीख, परिवार का छलका दर्द, आखिर कैसे लगी आग

Written By: Gargi Santosh Updated by: Gargi Santosh
Updated Date:June 22, 2026 6:06 PM IST

लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई. जानें यह हादसा कैसे हुआ, रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े सभी जरूरी अपडेट.

  • लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई.
  • कई छात्र इमारत में फंस गए थे, जिन्हें रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया.
  • KGMU ट्रॉमा सेंटर और अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया.
  • सीएम योगी और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने राहत-बचाव कार्य की निगरानी की.

Lucknow Coaching Centre Fire: आपने कई बार बड़ों के मुंह से या सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते समय यह जरूर सुना होगा - 'जिंदगी में अगले पल क्या हो जाए, यह कोई नहीं जानता.' लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुआ आग हादसा इस बात पर फिर यकीन करने को मजबूर कर गया. सोमवार (22 जून) की दोपहर पढ़ाई के लिए पहुंचे छात्र शायद यह नहीं जानते थे कि आज वहां अफरा-तफरी मच जाएगी. आग और धुएं के बीच कई छात्रों ने खुद को बचाने की कोशिश की, वहीं बाहर मौजूद लोगों की बेचैनी भी बढ़ती चली गई.

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लखनऊ कोचिंग सेंटर में किस वजह से लगी आग?

यह हादसा लखनऊ के अलीगंज इलाके के पुरानिया क्षेत्र में हुआ. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नीचे मौजूद एक दुकान में आग लगी और धीरे-धीरे आग ऊपर चल रहे कोचिंग सेंटर तक पहुंच गई. उस समय अंदर कई छात्र मौजूद थे. आग फैलने के बाद पूरे परिसर में धुआं भर गया. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ छात्रों ने जान बचाने के लिए छलांग भी लगाई. वहीं कुछ ने दावा किया कि ऊपर कई छात्र फंसे हुए थे और बाहर निकलने में दिक्कत हो रही थी. हालांकि, अभी तक ऐसे दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

'पापा मुझे बचा लो' - जब बच्चे ने घर पर फोन किया

घटनास्थल के बाहर कई परिवार अपने बच्चों की तलाश करते दिखाई दिए. एक प्राइवेट न्यूज चैनल ने एक छात्र के परिवार से बात करते हुए बताया आखिरी बार कॉल में छात्र ने बताया था कि वह धुएं से बचने के लिए वॉशरूम की तरफ भागा.

दीवार तोड़कर बचाव टीमों ने किया रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और मेडिकल टीम मौके पर पहुंच गई. बताया गया कि आग बुझाने और फंसे लोगों को निकालने के लिए 8 दमकल गाड़ियों को लगाया गया. कई छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. बिल्डिंग में अंदर जाने के लिए बचाव टीमों ने दीवार तोड़कर एंट्री ली. धुएं को बाहर निकालने के लिए एग्जॉस्ट सिस्टम का भी इस्तेमाल किया गया. घायलों का इलाज KGMU ट्रॉमा सेंटर और अन्य अस्पतालों में चल रहा है.

अलर्ट मोड पर मेडिकल यूनिट्स

इस हादसे के बाद, KGMU और अन्य मेडिकल यूनिट्स को अलर्ट पर रखा गया है. मौके पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पहुंचे और अधिकारियों को सभी छात्रों को सुरक्षित निकालने और घायलों को इलाज देने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना पर दुख जताया और वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान तेज करने को कहा. प्रशासन को निर्देश दिए गए कि मेडिकल सुविधाओं में कोई कमी न रहे.

जांच के बाद साफ हो पाएगी स्थिति

अब तक इस हादसे में 15 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. शुरुआती तौर पर धुएं की वजह से दम घुटने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन हादसे के कारणों को लेकर जांच की जाएगी. राहत अभियान पूरा होने के बाद प्रशासन पूरी रिपोर्ट जारी करेगा. इस घटना ने एक बार फिर इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

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