लखनऊ: राजधानी का सबसे मशहूर ‘हजरतगंज चौराहा’ अब अटल चौराहे के नाम से जाना जाएगा. लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया ने नगर निगम की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है. मेयर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से कई सड़कों और चौराहों के नाम बदलने की मांग की जा रही थी, इसके चलते ही हजरतगंज चौराहे का नाम बदलने का फैसला किया गया है. बता दें कि बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी लखनऊ से पांच बार संसद रह चुके थे.

 

बता दें कि लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी की 31 अगस्त को हुई बैठक में ही अटलजी से जुड़े तमाम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई थी. इसके अलावा लखनऊ के एक प्रमुख चौराहे का नाम अटलजी के नाम पर किए जाने के भी प्रस्ताव आया था. जिसमें हजरतगंज चौराहे का नाम अटल चौराहा करने का प्रस्ताव प्रमुख था लेकिन प्रस्‍ताव पर मुहर नहीं लग सकी थी. शनिवार को राजधानी के सबसे मशहूर हजरतगंज चौराहे को ‘अटल’ के नाम पर करने पर मुहर लगा दी गई. लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि हम अटलजी की यादों को हमेशा जीवित रखना चाहते हैं और एक मेयर के रूप में मैं ऐसा कर रही हूं. हमने उनका एक स्मारक बनाने की योजना के बारे में सोचा और लखनऊ के सबसे बड़े हजरतगंज चौराहे का नाम बदलकर अब अटल जी के नाम पर कर दिया है.

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हरदोई बाईपास का नाम भी अटल के नाम पर
लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया ने बताया कि अवध चौराहे से दुबग्गा मोड़ तक साढ़े दस किमी सड़क का नाम ‘अटल मार्ग’ रखा जा चुका है. अभी तक इसे हरदोई बाईपास के नाम से जाना जाता था. इसके अलावा शिक्षा, चिकित्सा, आवास, सुशासन और सुविधाओं से जुड़ी नगर निगम की कई बड़ी परियोजनाएं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर होंगी.