कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे: नए साल के इस महीने से फर्राटे से भागेंगी गाड़ियां, लखनऊ-कानपुर की 3 घंटे की दूरी 40 मिनट में होगी तय

इस एक्सप्रेसवे से व्यापार बढ़ेगा. कानपुर का इंडस्ट्रियल क्षेत्र और लखनऊ का एजुकेशन हब करीब आएंगे. आईआईटी कानपुर और लखनऊ के संस्थानों के बीच सहयोग आसान होगा.

Published date india.com Updated: December 16, 2025 9:33 AM IST
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे

उत्तर प्रदेश के दो बड़े शहरों लखनऊ और कानपुर को जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आने वाला है. अभी दोनों शहरों के बीच पुराने हाईवे पर सफर करने में 2 से 3 घंटे लग जाते हैं, क्योंकि जाम और खराब सड़क की समस्या रहती है. लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे से यह दूरी सिर्फ 40 से 50 मिनट में तय हो जाएगी. कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे 63 किलोमीटर लंबा है और छह लेन का बन रहा है. बाद में इसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है. कुल लागत करीब 4700 करोड़ रुपये है. यह लखनऊ के शहीद पथ से शुरू होकर बंथरा, बनी, दतौली कांठा, तौरा, अमरसास और रावल जैसे इलाकों से गुजरते हुए कानपुर के आजाद चौक तक पहुंचेगा.

निर्माण स्थिति, कब तक शुरू होने की संभावना

निर्माण कार्य 2022 में शुरू हुआ था. पहले जुलाई 2025 तक पूरा होने की योजना थी, लेकिन काम तेज होने से पहले मार्च 2025 में खुलने की बात हुई. नवंबर 2025 तक ज्यादातर काम पूरा हो गया था. अब दिसंबर 2025 के अंत में या जनवरी 2026 में ट्रायल रन होने की उम्मीद है. ताजा खबरों के अनुसार, एनएचएआई के नए प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने कहा है कि बचा छोटा काम दो-तीन महीने में पूरा हो जाएगा. इसलिए मार्च 2026 में यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह शुरू हो सकता है. कुछ रिपोर्ट्स में चार मार्च की बात कही जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह या बड़े नेता कर सकते हैं. शुरू होने से पहले अधिकारिक सूचना जारी की जाएगी.

सफर में क्या फायदे होंगे?

  • गाड़ियां 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी.
  • जाम से मुक्ति मिलेगी, क्योंकि यह एक्सेस कंट्रोल्ड है (केवल चुनिंदा जगहों से एंट्री-एक्जिट).
  • पांच टोल प्लाजा होंगे, लेकिन टोल उद्घाटन के अगले दिन से लग सकता है.
  • यह गंगा एक्सप्रेसवे और लखनऊ रिंग रोड से जुड़ेगा, जिससे पूरे यूपी की कनेक्टिविटी बेहतर होगी.
  • जानवरों के घुसने से रोकने के लिए विशेष इंतजाम हैं.

आर्थिक और सामाजिक लाभ

इस एक्सप्रेसवे से व्यापार बढ़ेगा. कानपुर का इंडस्ट्रियल क्षेत्र और लखनऊ का एजुकेशन हब करीब आएंगे. आईआईटी कानपुर और लखनऊ के संस्थानों के बीच सहयोग आसान होगा. स्टार्टअप, आईटी पार्क और इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा. रोजगार के नए मौके बनेंगे. आसपास के गांवों में जमीन की कीमतें बढ़ी हैं और विकास तेज होगा.

अभी क्या काम बाकी?

फिलहाल फिनिशिंग वर्क जैसे पेंटिंग, लाइटिंग और साइन बोर्ड लग रहे हैं. ट्रायल रन के बाद ही आम लोगों के लिए खोला जाएगा. अगर सब ठीक रहा तो 2026 की शुरुआत में यह सपना हकीकत बन जाएगा.

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