अमेठी: अमेठी निवासी एक महिला और उसकी बेटी द्वारा लखनऊ में आत्मदाह की कोशिश के मामले में अमेठी के जामो थाने के प्रभारी निरीक्षक सहित तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है तथा लखनऊ में कांग्रेस नेता और एमआईएम नेता समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. Also Read - पीएम मोदी ने बनारस के जिन गांवों को लिया गोद, वहां ले जाए जाएंगे विदेशी पर्यटक, ये है CM योगी का प्लान

भूमि विवाद के मामले में पुलिस की ओर से कथित तौर पर कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में शुक्रवार को साफिया और उसकी बेटी गुड़िया ने यहां लोकभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास किया था. जिलाधिकारी अरूण कुमार एवं पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने बताया कि कि साफिया का उसके पड़ोसी से नाली को लेकर कोई विवाद था. इस मामले में नौ जुलाई को मारपीट भी हुई थी. Also Read - U-Rise Portal: सीएम योगी ने लॉन्च किया U-Rise पोर्टल, छात्रों को शिक्षा, करियर काउंसिलिंग, रोजगार हासिल करने में करेगा मदद

उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की थी. गर्ग ने बताया कि गुड़िया (55 वर्ष) एवं उसकी मां ने आत्मदाह के प्रयास से संबंधित कोई पत्र नहीं दिया था और न ही खुफिया विभाग के पास इसकी कोई जानकारी थी. उन्होंने बताया कि इस मामले में थाना प्रभारी जामो रतन सिंह, एक उप निरीक्षक एवं एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है. मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गयी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. Also Read - Covid-19 in Uttar Pradesh: यूपी में कोरोना से 24 घंटे में 84 लोगों की मौत, अब तक 5450 लोगों की जा चुकी है जान

पुलिस आयुक्त सुजीत पांडे ने लखनऊ में पत्रकारों को बताया, ‘‘ऐसी जानकारी मिली है कि यह पूरी घटना प्रथम दष्ट्या एक साजिश है, जिसके तहत महिला को कुछ लोगों ने इस काम के लिये उकसाया.’ उन्होंने बताया कि थाना हजरतगंज में इस मामले में एमआईएम नेता कदीर खान और कांग्रेस नेता अनूप पटेल, आसमा नामक महिला और सुल्तान नामक पुरुष के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

पांडे ने बताया कि इन दोनों महिलाओं से कहा गया था कि वे लखनऊ आएंगी, तो उनकी मांग सुर्खियों में आएगी. उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास इस बात के सबूत हैं कि ये लोग उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी के कार्यालय में अनूप पटेल से मिले. इस संबंध में लखनऊ के एक मीडिया कर्मी से संपर्क किया गया. मीडियाकर्मी ने इस बात की पुष्टि की है कि उससे इस मामले को सुर्खियों में लाने को कहा गया था. सबूतों के अनुसार अनूप पटेल ने इन दोनो मां-बेटी को आग लगाने के लिये उकसाया.’’

इस बीच, श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल के अधीक्षक आशुतोष दुबे ने शनिवार को बताया कि मां करीब 90 प्रतिशत जल गयई है और उनकी हालत गंभीर है, जबकि बेटी 15 प्रतिशत जली है और उनकी हालत स्थिर है. मां को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है .

पुलिस ने शुक्रवार को बताया था कि घटना शुक्रवार शाम लगभग साढ़े पांच बजे की है, जब अमेठी की दो महिलाओं ने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़का और खुद को आग लगा ली. उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत उनकी ओर भागे. इनमें से एक महिला का वीडयो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वह आग की लपटों में भागती हुई नजर आ रही है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों को सिविल अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है. उनकी हालत गंभीर बताई जाती है.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मिली जानकारी के मुताबिक, अमेठी के जामो क्षेत्र में किसी विवाद के चलते महिलाओं ने यह कदम उठाया. दोनों महिलाएं यहां आयीं. उन्होंने किसी से संपर्क नहीं किया और सीधे लोकभवन के सामने पहुंचकर आत्मदाह का प्रयास किया. मामले की जांच की जा रही है. यह घटना अत्यंत कड़ी सुरक्षा वाली जगह पर हुई, जहां विधान भवन और लोकभवन हैं. लोक भवन में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यालय है.