संक्रमण से बचने के लिए लखनऊ मेट्रो ने शुरु किया अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से मेट्रो ट्रेन का सैनिटाइजेशन

अब यूपीएमआरसी ने पूरी ट्रेन को ही अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से सैनिटाइज करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है.

Updated: January 29, 2021 7:41 PM IST

By India.com Hindi News Desk | Edited by Gaurav Tiwari

संक्रमण से बचने के लिए लखनऊ मेट्रो ने शुरु किया अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से मेट्रो ट्रेन का सैनिटाइजेशन
UP Unlocks: After Delhi and Noida, Lucknow Metro to Resume Operations From Tomorrow

लखनऊ: उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल अल्ट्रा वॉयलेट (पराबैंगनी) किरणों से मेट्रो कोच को सैनिटाइज करने वाली भारत की पहली मेट्रो सेवा बन गई है. यात्रियों को मेट्रो से सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित कराने की दिशा में यह एक नयी पहल है. न्यूयॉर्क मेट्रो द्वारा इस प्रणाली के सफल परीक्षण के बाद इससे प्रेरणा लेते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो भारत में ऐसा करने वाली पहली मेट्रो सेवा बन गई है.

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उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) द्वारा शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा गया कि इससे पहले उप्र मेट्रो ने मेट्रो यात्रा टोकनों को यूवी किरणों से सैनिटाइज करने का भी सफल प्रयोग किया था जो कि सफलतापूर्वक जारी है. ये तकनीक यूपी मेट्रो ने खुद विकसित की थी जो कि कोविड के बाद काफी अहम तकनीक साबित हुई है. इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अब यूपीएमआरसी ने पूरी ट्रेन को ही अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से सैनिटाइज करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है.

बयान के अनुसार लखनऊ मेट्रो ने सैनिटाइजेशन उपकरण बनाने वाली एक निजी कंपनी के साथ मिलकर यूवी लैंप विकसित किया है जो कि पराबैंगनी कीटाणुनाशक विकिरण प्रणाली पर काम करता है. बयान में कहा गया कि इस उपकरण में 254 नैनो-मीटर तक की शॉर्ट वेवलेंथ वाली अल्ट्रा वॉयलेट-सी किरणों के जरिए सूक्ष्म कीटाणुओं को नष्ट किया जाता है.

ये किरणें इन सूक्ष्म जीवों के डीएनए और न्यूक्लीक ऐसिड को नष्ट कर इनका नाश कर देती हैं. अक्टूबर, 2020 में इस उपकरण को डीआरडीओ से मंजूरी मिली थी. वहीं, इस उपकरण को इस्तेमाल करने में कीमत भी काफी कम आती है. यूवी लैंप से सैनिटाइजेशन सोडियम हाइपोक्लोराइट की तुलना में बेहद सस्ता भी है. एक आंकड़े के मुताबिक यूवी लैंप के जरिए सैनिटाइजेशन से लागत 40 गुना तक कम भी हो जाएगी.

यूपीएमआरसी में प्रयोग किए जा रहे इस उपकरण के जरिए 30 मिनटों में ही एक मेट्रो ट्रेन के सभी कोचों सैनिटाइज किए जा सकता हैं. रिमोट के जरिए संचालित इस उपकरण को ऑन करने के एक मिनट बाद मशीन से रेडिएशन निकलना शुरू होता है.

गौरतलब है कि चिकित्सा क्षेत्र में ऑपरेशन थियेटर को सैनिटाइज करने के लिए इसी किस्म के उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है. यूवी सैनिटाइजेशन उपकरण के प्रयोग पर यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने कहा, ‘‘यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है. जब हमने यूवी रेडिएशन के जरिए टोकन सैनिटाइज करने की शुरूआत की थी, तब भी हमें यात्रियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब हमने पूरी ट्रेन को यूवी के जरिए सैनिटाइज करने की प्रक्रिया शुरू की है. इस नई पहल के जरिए हम जनता को एक सुरक्षित सफर का आश्वासन देते हैं.’’

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Published Date: January 29, 2021 7:39 PM IST

Updated Date: January 29, 2021 7:41 PM IST