लखनऊ: सक्रिय राजनीति में पदार्पण के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी अपने मिशन-यूपी के तहत सोमवार को पहली बार उत्तर प्रदेश के दौरे पर लखनऊ पहुंची. प्रियंका के साथ उनके भाई कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी के नवनियुक्त प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया भी लखनऊ पहुंचे. हवाई अड्डे पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर सहित तमाम कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भरपूर गर्मजोशी से तीनों नेताओं का स्वागत किया. Also Read - MP Exit Polls: एग्जिट पोल के अनुमान आने के बाद मुख्यमंत्री चौहान ने पार्टी नेताओं से मुलाकात की, बनाई रणनीति

भारी भीड़, सेल्फी लेने की होड़
राहुल, प्रियंका और सिंधिया ने हाथ हिलाकर सबका अभिवादन किया. हवाई अडडे से तीनों नेताओं का रोड शो शुरू हुआ. वे आलमबाग, चारबाग और लालबाग होते हुए हजरतगंज पहुंचेंगे, जहां वे महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय जाएंगे. प्रियंका, राहुल और सिंधिया के रथ पर रास्ते में खड़े सैकड़ों कार्यकर्ता गुलाब और गेंदे के फूलों की वर्षा कर रहे हैं. उत्साही कार्यकर्ताओं में ‘सेल्फी’ लेने की होड़ मच गई. रोडशो के मार्ग पर तमाम जगहों पर पंडाल और स्टेज लगाये गये हैं, जहां रथ ठहरेगा और कार्यकर्ता अपने नेताओं का स्वागत करेंगे. लालबाग में राहुल और प्रियंका लोगों को सम्बोधित भी कर सकते हैं. Also Read - Madhya Pradesh Exit Polls 2020 Results:... तो बच जाएगी शिवराज सरकार, लेकिन सिंधिया के गढ़ में चौंका सकते हैं नतीजे


नई राजनीति की शुरुआत
प्रियंका ने रविवार को प्रदेश की जनता के नाम जारी एक ऑडियो क्लिप में कहा था कि उनके दिल में आशा है कि हम सब मिलकर एक नयी राजनीति की शुरुआत करेंगे. एक ऐसी राजनीति जिसमें हम मिलकर भागीदार होंगे. मेरे युवा दोस्त, मेरी बहनें और सबसे कमजोर व्यक्ति सबकी आवाज सुनाई देगी. मेरे साथ मिलकर इस नये भविष्य, इस नयी राजनीति का निर्माण करें. देश की सियासत की दिशा तय करने में महती भूमिका निभाने वाले इस सूबे में प्रियंका को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के बाद भाजपा के गढ़ के रूप में उभरे पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभारी के तौर पर एक मुश्किल जिम्मेदारी दी गयी है. पार्टी सूत्रों की मानें तो प्रियंका चार दिन के प्रवास के दौरान अपने प्रभार वाले लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी संगठन को मथने का प्रयास करेंगी.